साइंस टेक पल्स
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क्या आप जानते हैं?

28 अगस्त 2026

  1. 01

    नारव्हेल व्हेल का लंबा घुमावदार "सींग" असल में सींग नहीं, बल्कि उसके ऊपरी होंठ से बाहर निकला एक बड़ा दांत होता है।

  2. 02

    हॉर्सशू केकड़ा नाम के समुद्री जीव का खून नीला होता है, क्योंकि वह आयरन वाले हीमोग्लोबिन की जगह कॉपर वाले हीमोसायनिन से ऑक्सीजन ढोता है।

  3. 03

    फ्लेमिंगो के बच्चे पैदा होते समय भूरे-सफेद रंग के होते हैं, और सिर्फ अपने भोजन यानी झींगा और शैवाल में मौजूद रंगद्रव्यों की वजह से गुलाबी रंग पाते हैं।

  4. 04

    ट्यूरिटॉप्सिस डोर्नी नाम की एक जेलीफिश अपनी बड़ी हो चुकी कोशिकाओं को फिर से शुरुआती अवस्था में बदल सकती है, यानी वह अपनी उम्र को मानो रीसेट कर लेती है।

  5. 05

    बिल्लियों को मीठे का स्वाद बिल्कुल महसूस नहीं होता, क्योंकि उनमें शक्कर को पहचानने वाला स्वाद-ग्राही जीन ही नहीं होता।

  6. 06

    हाथी अकेला ऐसा स्तनधारी जीव है जो कूद नहीं सकता, क्योंकि उसके पैर और शरीर की बनावट हमेशा ज़मीन से जुड़े रहने के लिए बनी होती है।

  7. 07

    प्लैटिपस उन गिने-चुने स्तनधारी जीवों में से एक है जो अंडे देता है, और नर प्लैटिपस के पिछले पैरों में एक जहरीला कांटा भी होता है।

  8. 08

    ऊंट का कूबड़ पानी नहीं, बल्कि चर्बी जमा करता है, इसीलिए जब उसे लंबे समय तक खाना नहीं मिलता तो कूबड़ छोटा होने लगता है।

  9. 09

    गिरगिट रंग मुख्य रूप से अपना मूड जताने और साथी को आकर्षित करने के लिए बदलता है, ना कि सिर्फ छिपने के लिए।

  10. 10

    ग्रेट बैरियर रीफ धरती पर मौजूद सबसे बड़ी जीवित संरचना है, जिसे हज़ारों साल में सिर्फ छोटे-छोटे मूंगा जीवों ने मिलकर बनाया है।

  11. 11

    धरती पर होने वाली ज़्यादातर ज्वालामुखी गतिविधि ज़मीन पर नहीं, बल्कि समुद्र की तलहटी में मौजूद ज्वालामुखी पर्वत श्रृंखलाओं में होती है।

  12. 12

    पृथ्वी का आंतरिक कोर सूरज की सतह जितना ही गर्म होता है, फिर भी बहुत ज़्यादा दबाव की वजह से वह ठोस अवस्था में रहता है।

  13. 13

    धरती के वायुमंडल की आधी से ज़्यादा ऑक्सीजन जंगलों से नहीं, बल्कि समुद्र में मौजूद सूक्ष्म शैवाल यानी फाइटोप्लांकटन से मिलती है।

  14. 14

    जब सूरज जैसा कोई तारा अपना ईंधन खत्म कर अपनी बाहरी परतें छोड़ देता है, तो पीछे बचा छोटा और बेहद घना हिस्सा श्वेत वामन तारा कहलाता है।

  15. 15

    ध्वनि तरंगों को यात्रा करने के लिए हवा या पानी जैसे किसी माध्यम की ज़रूरत होती है, और अंतरिक्ष में लगभग पूरी तरह निर्वात होने के कारण वहां पूरी तरह सन्नाटा रहता है।

  16. 16

    हमारे सौरमंडल के सबसे छोटे ग्रह बुध के पास एक भी चंद्रमा नहीं है, और गर्मी को रोकने लायक वायुमंडल भी लगभग नहीं है।

  17. 17

    बृहस्पति ग्रह इतनी तेज़ी से घूमता है कि उसका एक दिन 10 घंटे से भी कम में पूरा हो जाता है, जो हमारे सौरमंडल में सबसे छोटा दिन है।

  18. 18

    कांच असल में एक अनाकार ठोस है, धीरे बहने वाला तरल नहीं; पुरानी खिड़कियों का कांच असमान इसलिए दिखता है क्योंकि उसे बनाने का तरीका पुराना था।

  19. 19

    सूरज की रोशनी हवा के कणों से टकराकर बिखरती है, और कम तरंगदैर्घ्य वाली नीली रोशनी लाल रोशनी से कहीं ज़्यादा बिखरती है, इसीलिए आसमान नीला दिखाई देता है।

  20. 20

    पानी उन गिने-चुने पदार्थों में से एक है जो जमने पर सिकुड़ने की बजाय फैल जाता है, इसीलिए बर्फ पानी पर तैरती है।

  21. 21

    जीपीएस उपग्रहों में लगी परमाणु घड़ियां आइंस्टीन के सापेक्षता सिद्धांत की वजह से धरती की घड़ियों से थोड़ी तेज़ चलती हैं, इसलिए इंजीनियर हर दिन उन्हें ठीक करते हैं।

  22. 22

    यह धारणा गलत है कि जीभ के अलग-अलग हिस्से सिर्फ मीठा, नमकीन, खट्टा या कड़वा स्वाद ही पहचानते हैं — असल में जीभ का हर हिस्सा सभी बुनियादी स्वाद महसूस कर सकता है।

  23. 23

    आराम की हालत में भी इंसान के दिमाग की बिजली गतिविधि इतनी ऊर्जा बनाती है कि उससे एक छोटा एलईडी बल्ब जल सकता है।

  24. 24

    अगर इंसान के फेफड़ों के अंदर मौजूद सारी हवा की थैलियों को फैलाकर बिछा दिया जाए, तो वे लगभग एक टेनिस कोर्ट जितने क्षेत्र को ढक लेंगी।

  25. 25

    नवजात बच्चे में लगभग 300 हड्डियां होती हैं, लेकिन बड़े होने पर कई हड्डियां आपस में जुड़ जाती हैं, जिससे वयस्कों में सिर्फ 206 हड्डियां रह जाती हैं।

  26. 26

    आम धारणा के उलट, चीन की महान दीवार को अंतरिक्ष से नंगी आंखों से नहीं देखा जा सकता — दूरी के हिसाब से यह बहुत ही संकरी है।

  27. 27

    कंप्यूटर की गड़बड़ी को "बग" कहने का चलन 1947 में शुरू हुआ, जब इंजीनियरों को एक पुराने कंप्यूटर के रिले स्विच में असली पतंगा फंसा मिला था।

  28. 28

    19वीं सदी में अयस्क से एल्युमिनियम निकालना बेहद मुश्किल और महंगा था, इसलिए एक समय इसे सोने से भी ज़्यादा कीमती माना जाता था।