जापान का पहला फुल-स्टैक न्यूट्रल-एटम क्वांटम कंप्यूटर शुरू
जापान के इंस्टिट्यूट फॉर मॉलिक्यूलर साइंस ने हिताची और इन्फ्लेक्शन के साथ मिलकर बनाया देश का पहला फुल-स्टैक न्यूट्रल-एटम क्वांटम कंप्यूटर 'शुनकाई' चालू कर दिया है।
चरण दर चरण
- 1
लेज़र ऑप्टिकल ट्वीज़र्स से परमाणु पकड़े गए
- 2
माइक्रोवेव या लेज़र से गणना
- 3
परमाणु की चमक से कैमरा नतीजे दर्ज करता है
- 4
50 से करीब 500 क्यूबिट तक विस्तार
- 5
2031 तक 10,000 क्यूबिट का लक्ष्य
जापान के इंस्टिट्यूट फॉर मॉलिक्यूलर साइंस (IMS) ने 24 अगस्त को घोषणा की कि उसने देश का पहला फुल-स्टैक न्यूट्रल-एटम क्वांटम कंप्यूटर 'शुनकाई' चालू कर दिया है। प्रोफेसर केंजी ओहमोरी के नेतृत्व वाली टीम ने इसे जापान सरकार के कैबिनेट कार्यालय और विज्ञान-प्रौद्योगिकी एजेंसी के मूनशॉट अनुसंधान कार्यक्रम के तहत बनाया। सॉफ्टवेयर हिस्सा हिताची ने और क्वांटम प्रोसेसिंग हार्डवेयर इन्फ्लेक्शन ने तैयार किया।
न्यूट्रल-एटम क्वांटम कंप्यूटर में अलग-अलग परमाणुओं को क्यूबिट के रूप में इस्तेमाल किया जाता है, जो क्वांटम जानकारी की मूल इकाई होते हैं। इन परमाणुओं को तेज़ लेज़र किरणों से एक जगह रोककर रखा जाता है, जिसे 'ऑप्टिकल ट्वीज़र्स' कहा जाता है। माइक्रोवेव या लेज़र किरणों से गणना की जाती है, और हर परमाणु से निकलने वाली रोशनी (फ्लोरोसेंस) को कैमरे से देखकर नतीजे दर्ज किए जाते हैं। यह तरीका सामान्य तापमान पर, बिना किसी रेफ्रिजरेटर के काम करता है, और गणना के दौरान परमाणुओं को हिलाकर क्यूबिट को आपस में जोड़ा जा सकता है।
'फुल-स्टैक' प्रणाली का मतलब है उपयोगकर्ता के इनपुट को हार्डवेयर तक पहुंचाने वाली हर परत को आपस में जोड़ना, ठीक वैसे ही जैसे एक पर्सनल कंप्यूटर हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर को मिलाता है। शुनकाई फिलहाल करीब 50 क्यूबिट से शुरू हुआ है और इसे बढ़ाकर लगभग 500 क्यूबिट तक ले जाने की योजना है। बाहरी शोधकर्ताओं को इसके कुछ हिस्सों तक पहुंच दी जाएगी, ताकि वे नए इस्तेमाल विकसित कर सकें और क्वांटम एरर करेक्शन यानी नाज़ुक क्वांटम गणनाओं में हुई गलतियों को पकड़ने और सुधारने की तकनीक को बेहतर बना सकें।
इस प्रणाली का नाम एदो काल के खगोलशास्त्री हारुमी शिबुकावा के नाम पर रखा गया है, जिनका नाम 'शुनकाई' भी पढ़ा जाता है और जिन्होंने आकाशीय गति की सटीक गणना कर जापान की पहली मौलिक कैलेंडर प्रणाली बनाई थी। अप्रैल 2026 में शुरू हुए मूनशॉट परियोजना के दूसरे चरण का लक्ष्य है कि मार्च 2031 तक शुनकाई को 10,000 भौतिक क्यूबिट और क्वांटम एरर डिटेक्शन-करेक्शन क्षमता तक बढ़ाया जाए, और इसे बाहरी उपयोगकर्ताओं के लिए उपलब्ध कराया जाए।
शब्दों की व्याख्या
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