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कक्षा में ही कंप्यूटिंग: नियमित सेवा शुरू करने वाला चीन का स्पेस क्लाउड

बीजिंग यूनिवर्सिटी ऑफ पोस्ट्स एंड टेलीकम्युनिकेशंस द्वारा बनाया गया एक उपग्रह कंप्यूटिंग नेटवर्क, ज़मीन के बजाय सीधे उपग्रहों पर डेटा प्रोसेस करते हुए नियमित इन-ऑर्बिट सेवाएं देना शुरू कर चुका है।

चरण दर चरण

  1. 1

    ज़मीन से कंप्यूटिंग टास्क जमा करना

  2. 2

    कक्षा में उपग्रहों पर तैनात करना

  3. 3

    कक्षा में ही डेटा प्रोसेस करना

  4. 4

    नतीजे उपयोगकर्ताओं तक भेजना

चीन में बना एक स्पेस कंप्यूटिंग क्लाउड नियमित इन-ऑर्बिट प्रायोगिक सेवाएं देना शुरू कर चुका है, ऐसा इसे बनाने वाले बीजिंग यूनिवर्सिटी ऑफ पोस्ट्स एंड टेलीकम्युनिकेशंस (BUPT) ने बताया है। यह ऑर्बिटल कंप्यूटिंग सुविधा उपग्रहों, स्पेस सर्वरों, ग्राउंड स्टेशनों और डेटा केंद्रों के बीच के कामकाज को स्वचालित करती है। इस तरह, यह किसी कंप्यूटिंग काम को जमा करने से लेकर उसका नतीजा मिलने तक की पूरी सेवा दुनिया भर के उपयोगकर्ताओं को देती है।

इसे 'स्पेस कंप्यूटिंग' कहा जाता है। यह एक नया तरीका है जिसमें डेटा प्रोसेसिंग, स्टोरेज, बुद्धिमान विश्लेषण और निर्णय लेने की क्षमताएं सिर्फ ज़मीन पर नहीं, बल्कि उपग्रहों और स्पेस स्टेशनों जैसे ऑर्बिटल प्लेटफॉर्मों पर सीधे रखी जाती हैं। यह 'टियानसुआन' नाम के उपग्रह समूह पर चलता है, जिसे BUPT ने 2021 में लॉन्च किया था। इसे दुनिया का पहला स्पेस कंप्यूटिंग उपग्रह समूह बताया गया है। इस समूह में 16 लो-अर्थ-ऑर्बिट उपग्रह और सात ग्राउंड स्टेशन तैनात किए गए हैं। ऑर्बिटल परीक्षणों में इसने 60 से अधिक संस्थानों की मदद की है, और 50 से अधिक देशों व क्षेत्रों के शोधकर्ताओं को आकर्षित किया है।

सेवा में आने के बाद से, इस प्लेटफॉर्म ने इन-ऑर्बिट बिग-डेटा कंप्यूटिंग और 6G संचार जैसे कामों का समर्थन किया है। BUPT इसे ऊर्जा-कुशल सेवा बताता है; 100 से अधिक उपयोगकर्ता इसका इस्तेमाल कर चुके हैं। इसकी प्रमुख तकनीकी खूबियों में पुनः इस्तेमाल योग्य प्लेटफॉर्म-आधारित सेवाएं और अंतरिक्ष यान के सॉफ्टवेयर का लंबे समय तक भरोसेमंद संचालन शामिल हैं। अंतरिक्ष डेटा को सीधे कक्षा में प्रोसेस करने और उपग्रहों के खुद फैसला लेने की क्षमता की नींव भी इसमें शामिल है।

अप्रैल में बीजिंग में हुए 2026 स्पेस कंप्यूटिंग इंडस्ट्री कॉन्फ्रेंस में यू गुओबिन ने यह बात कही। वे नेशनल डिफेंस साइंस, टेक्नोलॉजी एंड इंडस्ट्री एडमिनिस्ट्रेशन के कमर्शियल स्पेस डिपार्टमेंट के डिप्टी डायरेक्टर हैं। उन्होंने कहा कि ज़मीन पर बने डेटा केंद्रों के मुकाबले, अंतरिक्ष आधारित कंप्यूटिंग एक कार्बन-मुक्त, टिकाऊ और आसानी से सुलभ विकल्प देती है। उन्होंने कहा कि ज़मीनी डेटा केंद्र अधिक ऊर्जा खपत, सीमित ज़मीन, ज़्यादा कूलिंग लागत और सीमित कवरेज से बंधे होते हैं। उन्होंने कहा कि अंतरिक्ष आधारित कंप्यूटिंग आपदा राहत, समुद्री निगरानी, विमानन व शिपिंग, और ध्रुवीय अभियानों को तुरंत, बुद्धिमान सेवाएं दे सकती है।

BUPT ने कहा कि इस प्लेटफॉर्म की अहमियत अंतरिक्ष सूचना उद्योग को हार्डवेयर बेचने से हटाकर लगातार सेवाएं देने की दिशा में ले जाने में है। यह सैटेलाइट इंटरनेट, 6G, कमर्शियल स्पेस और आपातकालीन संचार जैसे नए औद्योगिक विकास क्षेत्रों का भी समर्थन करता है। अगले पांच वर्षों में चीन जिन प्रमुख उभरते उद्योगों को बढ़ावा देने की योजना बना रहा है, उनमें ये भी शामिल हैं।

शब्दों की व्याख्या

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