नई भट्टी से सस्ता और स्वच्छ स्टील बनाने की तकनीक
हर्था मेटल्स की नई भट्टी लौह अयस्क को एक ही चरण में तरल स्टील में बदल देती है। कोयले की जगह प्राकृतिक गैस इस्तेमाल कर यह उत्सर्जन को कम से कम आधा और लागत को 25% तक घटा देती है।
चरण दर चरण
- 1
पायलट प्लांट में रोज़ एक टन स्टील
- 2
नया प्लांट सालाना 10,000 टन का लक्ष्य
- 3
तीसरा संयंत्र 2030 तक 500,000 टन
स्टील बनाने का मौजूदा तरीका आज भी कोयले से चलने वाली भट्टियों पर निर्भर है। यह जलवायु परिवर्तन को बढ़ाने वाले कुल कार्बन उत्सर्जन का लगभग 7% हिस्सा पैदा करता है — यह फैशन उद्योग के उत्सर्जन के बराबर है। मुनाफे का मार्जिन कम होने और मौजूदा भट्टियों की सेवा-अवधि लंबी होने की वजह से नया निवेश करना मुश्किल रहा है। यही वजह है कि इस उद्योग के कार्बन उत्सर्जन को घटाना अब तक कठिन साबित हुआ है।
हर्था मेटल्स की संस्थापक और मैकेनिकल इंजीनियर लॉरीन मेरूए ने एक नई भट्टी बनाई है, जो स्टील बनाने की रासायनिक प्रक्रिया को सरल बनाती है। यह भट्टी एक ही चरण में लौह अयस्क को शुद्ध तरल स्टील में बदल देती है, और कोयले की जगह प्राकृतिक गैस का इस्तेमाल करती है। मेरूए के अनुसार, इन बदलावों से उत्सर्जन कम से कम आधा घट जाता है और सामान्य स्टील उत्पादन की तुलना में लागत 25% कम हो जाती है।
“ग्रीन स्टील” के दूसरे तरीकों में लौह अयस्क से ऑक्सीजन अलग करने के लिए हाइड्रोजन का इस्तेमाल किया जाता है, जो भविष्य में उत्सर्जन को पूरी तरह घटा या खत्म कर सकता है। मेरूए का कहना है कि फिलहाल लागत कम रखने के लिए हर्था प्राकृतिक गैस जैसे जीवाश्म ईंधन पर ही निर्भर है। उनका कहना है कि हाइड्रोजन सस्ता होने पर मौजूदा भट्टी को बड़े बदलावों के बिना ही पूरी तरह कार्बन-मुक्त प्रणाली में बदला जा सकता है।
कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, इरविन के नेशनल फ्यूल सेल रिसर्च सेंटर की निदेशक इरीना ज़ेन्युक ने कहा कि इस उत्पादन प्रणाली का आकार घटाने में बहुत बड़ी अहमियत है। उन्होंने कहा कि पारंपरिक स्टील प्लांट बहुत विशाल, कम दक्ष और ज़्यादा ऊर्जा खपत वाले होते हैं, इसलिए अगर सिर्फ ऊर्जा की बचत भी हो, तो यह भी एक बड़ी उपलब्धि होगी।
टेक्सास के ह्यूस्टन शहर के पास कॉनरो (Conroe) में हर्था का पायलट प्लांट फिलहाल हर दिन एक मीट्रिक टन स्टील बनाता है। कंपनी उसके बगल में एक नया प्लांट बना रही है, जो 2027 के अंत तक पूरी क्षमता तक पहुंचकर हर साल 10,000 मीट्रिक टन उच्च-शुद्धता वाला स्टील बनाने की योजना रखता है। मेरूए का मानना है कि तीसरा संयंत्र जोड़कर 2030 तक हर्था का उत्पादन हर साल 500,000 मीट्रिक टन तक पहुंचाया जा सकता है। यह अमेरिका में हर साल बनने वाले करीब 80 मिलियन मीट्रिक टन स्टील का एक छोटा-सा हिस्सा ही है।
शब्दों की व्याख्या
अब तक की कहानी
- बिना बर्बादी के कार्बन नैनोट्यूब पैटर्न बनाने की नई तकनीक
- नई भट्टी से सस्ता और स्वच्छ स्टील बनाने की तकनीक
