अधिक विटामिन डी लेने से जोखिम वाले बुज़ुर्गों में बेहतर संज्ञानात्मक स्कोर: अध्ययन
नींद की समस्या और हल्की संज्ञानात्मक हानि से जूझ रहे बुज़ुर्गों में से जो लोग रोज़ाना कम से कम 5,000 IU विटामिन डी लेते थे, उन्होंने न लेने वालों की तुलना में संज्ञानात्मक परीक्षण में 13% से अधिक बेहतर स्कोर पाया — एमोरी विश्वविद्यालय के एक अध्ययन में यह…
एमोरी विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने नींद की गड़बड़ी और हल्की संज्ञानात्मक हानि (mild cognitive impairment, MCI — सामान्य उम्र बढ़ने और डिमेंशिया के बीच की एक मध्यवर्ती अवस्था), दोनों से जूझ रहे 54 बुज़ुर्गों का अध्ययन किया। ये दोनों स्थितियां डिमेंशिया के शुरुआती चरणों में दिखाई दे सकती हैं। यह निष्कर्ष स्लीप मेडिसिन (Sleep Medicine) पत्रिका में प्रकाशित हुआ।
जिन प्रतिभागियों ने रोज़ाना कम से कम 5,000 IU विटामिन डी लिया, उन्होंने मॉन्ट्रियल कॉग्निटिव असेसमेंट (Montreal Cognitive Assessment, MoCA — याददाश्त, सोचने की क्षमता और डिमेंशिया जोखिम आंकने वाला व्यापक रूप से इस्तेमाल होने वाला परीक्षण) में, न लेने वालों की तुलना में 13% से अधिक बेहतर स्कोर पाया; यह अंतर अन्य कारकों को समायोजित करने के बाद भी बना रहा। कम मात्रा में विटामिन डी लेने से बेहतर स्कोर से कोई संबंध नहीं मिला।
पौधों या फफूंद से मिलने वाला विटामिन D2, और धूप में शरीर द्वारा बनाया जाने वाला या पशु-आधारित भोजन से मिलने वाला विटामिन D3 — दोनों में समान परिणाम देखे गए। एमोरी विश्वविद्यालय के नेल हॉजसन वुड्रफ नर्सिंग स्कूल की एसोसिएट प्रोफेसर और प्रमुख शोधकर्ता विक्टोरिया पाक ने कहा कि यह अवस्था, जब नींद और संज्ञानात्मक बदलाव दोनों उभर रहे होते हैं, "हस्तक्षेप के लिए एक महत्वपूर्ण मौका" हो सकती है।
शोधकर्ताओं के अनुसार यह एक प्रारंभिक अध्ययन है और नींद की गड़बड़ी व हल्की संज्ञानात्मक हानि दोनों से जूझ रहे समूह में विटामिन डी सप्लीमेंट के सेवन की जांच करने वाला यह पहला अध्ययन है। फ़िलहाल 70 लाख से अधिक अमेरिकी (7 मिलियन) अल्ज़ाइमर डिमेंशिया के साथ जी रहे हैं, और 2050 तक यह संख्या करीब 1.3 करोड़ (13 मिलियन) तक पहुंचने का अनुमान है। मध्यम से गंभीर अल्ज़ाइमर से पीड़ित 50% लोग नींद की गड़बड़ी की शिकायत करते हैं।
शब्दों की व्याख्या
अब तक की कहानी
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