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आईआईटी मद्रास ने 185,000 मिश्रधातु रिकॉर्ड वाला एआई मंच बनाया, सामग्री खोज होगी तेज़

शोधकर्ताओं ने भाषा मॉडल से 10,000 से ज़्यादा शोध पत्रों से दशकों का मिश्रधातु डेटा निकाला और वे डेटाबेस बनाए जिन्हें संस्थान सार्वजनिक रूप से उपलब्ध सबसे बड़ा बताता है।

आईआईटी मद्रास के शोधकर्ताओं ने एक ऐसा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मंच बनाया है जो इलेक्ट्रिक वाहनों, विमानन, नवीकरणीय ऊर्जा और समुद्री ढांचे के लिए टिकाऊ और उच्च प्रदर्शन वाली धातु मिश्रधातुओं की खोज तेज़ कर सके।

टीम ने 10,000 से ज़्यादा शोध पत्रों से जानकारी निकालने और उसे व्यवस्थित करने के लिए बड़े भाषा मॉडल का इस्तेमाल किया, जिससे 185,000 से ज़्यादा संरचित रिकॉर्ड वाले दो डेटाबेस बने। आईआईटी मद्रास इन्हें सार्वजनिक रूप से उपलब्ध दुनिया के सबसे बड़े बहु-घटक मिश्रधातु डेटाबेस बताता है, और ये अलॉय तत्वसार मंच तथा गिटहब पर मुफ्त उपलब्ध हैं।

यह काम सामग्री शोध की एक व्यावहारिक अड़चन को निशाना बनाता है: उपयोगी प्रायोगिक ब्योरा शोध पत्रों, तालिकाओं और चित्रों में बिखरा रहता है, जिससे तुलना धीमी हो जाती है। यह स्वचालित प्रणाली मिश्रधातुओं की संरचना, निर्माण प्रक्रिया, परीक्षण की परिस्थितियां और 350 से ज़्यादा गुण निकालती है, और यह भी सहेजती है कि हर माप किन परिस्थितियों में लिया गया। निकालते समय प्रासंगिक उदाहरण जुटाने के लिए यह रिट्रीवल-ऑगमेंटेड जनरेशन का उपयोग करती है, जिससे शोधकर्ताओं के मुताबिक पाठ और तालिकाओं से मिली जानकारी ज़्यादा सटीक होती है।

"हज़ारों प्रकाशनों से हाथ से डेटा जुटाने में सालों लग जाते थे," धातुकर्म एवं सामग्री अभियांत्रिकी विभाग के सहायक प्राध्यापक रोहित बत्रा ने कहा। "अब हमारा ढांचा अपने आप ऐसे संरचित डेटाबेस बना देता है, जिनसे टिकाऊ सामग्री कहीं तेज़ी से पहचानी जा सकती है।"

मंच प्रदर्शन के साथ-साथ पर्यावरणीय, आर्थिक और सामाजिक संकेतक भी दर्ज करता है। इससे मिश्रधातुओं को मज़बूती के साथ टिकाऊपन पर भी परखा जा सकता है। टीम ने हल्के वाहन और विमानन ढांचों के लिए हाई-एंट्रॉपी मिश्रधातु पहचानी। इलेक्ट्रिक मोटर और ट्रांसफॉर्मर के लिए सॉफ्ट मैग्नेटिक सामग्री, तथा समुद्री और अपतटीय अभियांत्रिकी के लिए संक्षारण-रोधी मिश्रधातु भी सामने आईं। यह अध्ययन एडवांस्ड साइंस में छपा है। समूह इस ढांचे को चित्रों, सूक्ष्म-संरचना छवियों, तथा पॉलिमर, सिरेमिक व कंपोजिट तक बढ़ाने की योजना बना रहा है।

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