प्रस्तावित तैरता जहाज़ 'क्राकेन' 32,000 घरों को बिजली और AI डेटा सेंटर देगा
समुद्री इंजीनियरिंग कंपनी इनमार टेक्नोलॉजीज और ऊर्जा कंपनी ऑप्टीफ्यूल सिस्टम्स ने एक स्वचालित तैरता जहाज़ 'ब्लू इकोनॉमी वाइटल 100 MW क्राकेन' प्रस्तावित किया है। यह जहाज़ समुद्री-तापीय बिजली उत्पादन, विलवणीकरण और AI डेटा सेंटर को एक साथ जोड़ेगा।
चरण दर चरण
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गर्म समुद्री जल अमोनिया को गर्म करता है
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अमोनिया भाप टर्बाइन घुमाती है
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टर्बाइन बिजली पैदा करता है
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ठंडा गहरा पानी अमोनिया को फिर तरल बनाता है
समुद्री इंजीनियरिंग कंपनी इनमार टेक्नोलॉजीज और ऊर्जा प्रणाली विकसित करने वाली कंपनी ऑप्टीफ्यूल सिस्टम्स मिलकर काम कर रही हैं। इन्होंने अपनी साझेदारी 'ऑप्टिमल ट्रांजिट' के तहत एक स्वचालित रूप से चलने वाला तैरता मंच प्रस्तावित किया है। इसे 'ब्लू इकोनॉमी वाइटल 100 MW क्राकेन' नाम दिया गया है। यह अवधारणा समुद्री बिजली उत्पादन संयंत्र, विलवणीकरण (डीसैलिनेशन) प्रणाली और एक AI डेटा सेंटर को एक ही जहाज़ में जोड़ती है, जो ज़रूरत पड़ने पर अपनी जगह से हट भी सकता है।
ऑप्टिमल ट्रांजिट के अनुसार, जहाज़ पर लगा बिजली संयंत्र लगातार 40 मेगावाट (MW) तक बिजली पैदा करेगा, जिसे किनारे भेजा जाएगा और जो लगभग 32,000 घरों को चौबीसों घंटे बिजली देने के लिए पर्याप्त होगी। एक अलग प्रणाली हर दिन 30 मिलियन लीटर (7.9 मिलियन गैलन) शुद्ध पानी बनाएगी, जो अनुमानित 150,000 लोगों के लिए पर्याप्त होगा। इसके अलावा, जहाज़ AI-ग्रेड डेटा सेंटर कंप्यूटिंग के लिए 60 मेगावाट क्षमता सुरक्षित रखेगा। ऑप्टिमल ट्रांजिट का कहना है कि इस मंच को न ज़मीन, न ग्रिड कनेक्शन और न ही पारंपरिक ईंधन की ज़रूरत होगी।
इसका प्रस्तावित बिजली स्रोत ऑप्टिमल ट्रांजिट का पेटेंट किया हुआ 'डिजिटल ओशन थर्मल' (DOT) इंजन है। यह 'ओशन थर्मल एनर्जी कन्वर्ज़न' (OTEC) नामक तकनीक का संशोधित रूप है। OTEC तकनीक समुद्र की सतह के गर्म पानी और सैकड़ों मीटर नीचे के बहुत ठंडे पानी के तापमान अंतर का इस्तेमाल कर बिजली बनाती है। गर्म पानी अमोनिया जैसे कम क्वथनांक वाले तरल को गर्म कर भाप में बदल देता है; यह भाप टर्बाइन घुमाकर बिजली बनाती है, और गहरे समुद्र का ठंडा पानी अमोनिया को फिर तरल बना देता है, जिससे चक्र फिर शुरू होता है। क्राकेन के डिज़ाइन में एक दूसरा ऊष्मा स्रोत भी जोड़ा गया है, जो जहाज़ के अपने कंप्यूटरों से निकलने वाली बेकार गर्मी का पुनः उपयोग कर अमोनिया को और गर्म करता है।
यही गर्म-ठंडे समुद्री जल तंत्र 'वैक्यूम-फ्लैश डीसैलिनेशन' विधि से भी शुद्ध पानी बनाएगा। इसमें कम दबाव पर गर्म समुद्री जल को उबाला जाता है और नमक छोड़कर उठने वाली भाप को ठंडे पानी की धारा से फिर तरल बनाया जाता है। प्रस्तावित 100 मेगावाट क्राकेन जहाज़ 'ट्विन-हल' (twin-hull) डिज़ाइन का इस्तेमाल करेगा और इसकी लंबाई लगभग 300 फीट (91 मीटर) होगी।
बिजली, पानी और डेटा एक 'क्विक-डिस्कनेक्ट' (quick-disconnect) अम्बिलिकल प्रणाली के ज़रिए किनारे तक पहुंचेंगे। ऑप्टिमल ट्रांजिट के मुताबिक, बड़ा तूफान आने पर जहाज़ कुछ ही घंटों में अपने लंगर से अलग होकर अपनी ताकत से दूर जा सकता है।
शब्दों की व्याख्या
अब तक की कहानी
- AI Companies Turn to the Ocean to Cool and Power Data Centers
- प्रस्तावित तैरता जहाज़ 'क्राकेन' 32,000 घरों को बिजली और AI डेटा सेंटर देगा
