टीका लगने से पहले ही AI बता सकता है कि आपका शरीर कैसे प्रतिक्रिया देगा
एरिज़ोना स्टेट यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने AI का इस्तेमाल कर रक्त नमूनों में ऐसे एंटीबॉडी हस्ताक्षर खोजे हैं, जो टीका लगने से पहले ही बता सकते हैं कि कौन मज़बूती से प्रतिक्रिया देगा।
चरण दर चरण
- 1
कोविड-19 टीकाकरण से पहले रक्त नमूने लिए जाते हैं
- 2
AI 185 एंटीजन से जुड़े एंटीबॉडी पैटर्न का विश्लेषण करता है
- 3
सेंटिनल एंटीबॉडी हस्ताक्षर पहचाने जाते हैं
- 4
मॉडल मज़बूत या कमज़ोर टीका प्रतिक्रिया देने वालों का अनुमान लगाता है
टीके कई लोगों को गंभीर बीमारी से बचाते हैं, लेकिन उनसे मिलने वाली प्रतिरक्षा सुरक्षा हर व्यक्ति में काफ़ी अलग हो सकती है। एरिज़ोना स्टेट यूनिवर्सिटी (ASU) के नेतृत्व में हुए नए शोध के अनुसार, किसी व्यक्ति को टीका लगने से पहले ही उसका प्रतिरक्षा तंत्र यह संकेत दिखा सकता है कि वह कितनी मज़बूती से प्रतिक्रिया देगा।
ASU और सहयोगी संस्थानों के शोधकर्ताओं ने 4,000 से ज़्यादा लोगों के रक्त नमूनों की जाँच की, आम वायरस-बैक्टीरिया के साथ-साथ ऑटोइम्यून बीमारियों से जुड़े लक्ष्यों सहित 185 एंटीजन को पहचानने वाले एंटीबॉडी को मापा। कोविड-19 टीकाकरण से पहले और बाद में लिए गए रक्त नमूनों में पैटर्न खोजने के लिए आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल किया गया, जिसने ऐसे एंटीबॉडी हस्ताक्षर उजागर किए जो मज़बूत टीका प्रतिक्रिया देने वालों को कमज़ोर प्रतिक्रिया देने वालों से अलग करने में मदद कर सकते हैं। अध्ययन का नेतृत्व करने वाले और ASU के बायोडिज़ाइन इंस्टीट्यूट के कार्यकारी निदेशक जोशुआ लाबेयर कहते हैं, "हमारे अध्ययन में यह पाया गया कि कुछ बायोमार्कर्स का AI से विश्लेषण करने पर, यह पहले से बताया जा सकता है कि कोई व्यक्ति टीके पर अच्छी प्रतिक्रिया देगा या नहीं, भले ही उसे अभी टीका न लगा हो। इससे पता चलता है कि कुछ लोग दूसरों की तुलना में प्रतिरक्षा के लिहाज़ से ज़्यादा 'तैयार' हो सकते हैं।"
टीम ने 4,089 प्रतिभागियों के 8,687 नमूनों की जाँच की, जिनमें स्वस्थ स्वयंसेवक और HIV, मल्टिपल मायलोमा, ठोस अंग कैंसर, ऑटोइम्यून बीमारी, इन्फ्लेमेटरी बाउल डिज़ीज़ तथा ठोस अंग प्रत्यारोपण जैसी प्रतिरक्षा-दमनकारी स्थितियों या उपचारों वाले लोग शामिल थे। कई प्रतिरक्षा-दमित समूहों में कोविड-19 टीकाकरण पर कमज़ोर प्रतिक्रिया दिखने की संभावना ज़्यादा थी, फिर भी किसी को केवल प्रतिरक्षा-दमित या स्वस्थ श्रेणी में रखना नतीजे का भरोसेमंद अनुमान नहीं देता — प्रतिरक्षा-दमित कुछ लोगों ने भी मज़बूत प्रतिक्रिया दिखाई, जबकि स्वस्थ प्रतिभागियों में से करीब 5% से 6% ने कमज़ोर टीका प्रतिक्रिया दिखाई।
टीकाकरण से पहले मौजूद कुछ एंटीबॉडी इस विश्लेषण में अलग से उभरकर सामने आईं। स्टैफ़िलोकोकस ऑरियस, RSV और ह्यूमन रेस्पिरोवायरस 3 जैसे आम रोगाणुओं को निशाना बनाने वाले एंटीबॉडी का उच्च स्तर, कोविड-19 टीकों पर मज़बूत प्रतिक्रिया से जुड़ा पाया गया। शोधकर्ता इन्हें 'सेंटिनल' एंटीबॉडी कहते हैं, क्योंकि भले ही ये सीधे टीके के लक्ष्य पर काम न करें, ये यह संकेत दे सकते हैं कि किसी व्यक्ति का एंटीबॉडी बनाने वाला प्रतिरक्षा तंत्र प्रतिक्रिया देने के लिए कितना तैयार है।
शोधकर्ताओं ने पाया कि पूरे एंटीबॉडी पैनल में पैटर्न जाँचने वाला एक डीप लर्निंग मॉडल, चंद अलग-अलग बायोमार्कर्स से कहीं ज़्यादा भविष्यसूचक जानकारी देता है — जो बताता है कि टीका-तैयारी को समझने के लिए शायद प्रतिरक्षा तंत्र को एक आपस में जुड़ी हुई समग्र इकाई के रूप में देखना ज़रूरी है, न कि सिर्फ़ किसी एक एंटीबॉडी या एक बीमारी पर ध्यान देना।
शब्दों की व्याख्या
अब तक की कहानी
- AI Model Reconstructs Hidden History of Earth's Mantle Flow From Surface Clues
- New Hybrid Method Combines AI and Physics to Forecast Once-in-a-Millennium Weather Events
- AI-Designed 'Intrabodies' Could Open New Paths to Treating Alzheimer's, Parkinson's and MND
- Over 1,000 Genetic Switches Help Explain Why Female Immunity Differs From Male
- फलों से बनने वाला यह प्राकृतिक यौगिक IBD के इलाज की नई राह दिखाता है
- जब AI कोई दवा डिज़ाइन करता है, तब भी पेटेंट में नाम इंसान का ही
- टीका लगने से पहले ही AI बता सकता है कि आपका शरीर कैसे प्रतिक्रिया देगा
