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चांग'ई-6 के नमूनों से सुलझी चंद्रमा के दो चेहरों की पहेली?

चंद्रमा के दूर वाले हिस्से से मिले पहले नमूने बताते हैं कि पृथ्वी से बंध जाने के बाद दोनों हिस्सों के बीच तापमान का अंतर पैदा हुआ था। इस अंतर ने मैग्नीशियम-युक्त मैग्मा को बग़ल में बहाकर दूर वाले हिस्से की मोटी परत बनाई होगी, नानजिंग विश्वविद्यालय के…

चरण दर चरण

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    शुरुआती मैग्मा दोनों तरफ बराबर ठंडा

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    चंद्रमा पृथ्वी से टाइडली लॉक्ड होता है

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    नज़दीकी हिस्से को ज़्यादा ऊष्मा मिली

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    गर्म मैग्मा दूर हिस्से की ओर बहा

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    दूर हिस्से को मोटी, मैग्नीशियम-युक्त परत मिली

चंद्रमा के दो हिस्से एक-दूसरे से बिल्कुल अलग दिखते हैं। पृथ्वी की ओर मुड़ा हिस्सा गहरे रंग के ज्वालामुखीय मैदानों से भरा है। दूसरी ओर, पृथ्वी से कभी न दिखने वाला दूर वाला हिस्सा ऊबड़-खाबड़, गड्ढों से भरे पहाड़ी इलाकों वाला है, जिसकी परत कहीं ज़्यादा मोटी है और जहां ज्वालामुखीय मैदान बहुत कम हैं। चंद्रमा के नज़दीकी और दूर वाले हिस्से इतने अलग क्यों दिखते और बने हैं, यह वैज्ञानिकों के लिए लंबे समय से एक पहेली रही है।

चीन के चांग'ई-6 (Chang'e-6) मिशन से मिले नमूनों पर हुए नए शोध से इस अंतर को समझने में मदद मिल सकती है। साल 2024 में चांग'ई-6 मिशन चंद्रमा के दूर वाले हिस्से से पहली बार नमूने लेकर पृथ्वी पर लौटा था। नानजिंग विश्वविद्यालय के प्रोफेसर हेजियू हुई के नेतृत्व वाली टीम ने इन नमूनों की तुलना पहले अपोलो मिशनों और चीन के चांग'ई-5 मिशन से लाए गए नज़दीकी हिस्से के नमूनों से की। यह निष्कर्ष जर्नल नेशनल साइंस रिव्यू में प्रकाशित हुए।

इस तुलना से पता चलता है कि परत के नीचे की मोटी चट्टानी परत, यानी मैंटल, दोनों हिस्सों में काफी हद तक एक जैसी है। दूर वाले हिस्से की चट्टानों के रासायनिक निशान नज़दीकी हिस्से के अपोलो नमूनों से मेल खाते पाए गए, शोधकर्ताओं ने बताया। लेकिन परत की कहानी अलग है। एनॉर्थोसाइट (anorthosite) नाम की दूर वाले हिस्से की चट्टानों में नज़दीकी हिस्से के नमूनों की तुलना में ज़्यादा मैग्नीशियम पाया गया। इससे पता चलता है कि दूर वाले हिस्से की परत नज़दीकी हिस्से की परत से ज़्यादा मैग्नीशियम-युक्त है। इसके उलट, नज़दीकी हिस्से में पोटैशियम, दुर्लभ मृदा तत्व और फॉस्फोरस ज़्यादा मात्रा में पाए जाते हैं।

शोधकर्ताओं का प्रस्ताव है कि यह अंतर तब पैदा हुआ जब चंद्रमा पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण से इस तरह बंध गया कि उसका एक ही हिस्सा हमेशा पृथ्वी की ओर रहने लगा (टाइडली लॉक्ड)। उनका मानना है कि इससे पहले, चंद्रमा का शुरुआती पिघली चट्टान का महासागर दोनों हिस्सों में लगभग एक समान ठंडा होकर जम गया था। यह स्थिति बनने के बाद, मॉडल के अनुसार, नज़दीकी हिस्से को दूर वाले हिस्से से ज़्यादा ज्वारीय ऊष्मा मिली, जिससे दोनों हिस्सों के बीच तापमान का अंतर पैदा हुआ। टीम का सुझाव है कि इस तापमान अंतर ने गर्म मैग्मा को नज़दीकी हिस्से से दूर वाले हिस्से की ओर बग़ल में बहने पर मजबूर किया होगा, जो अपने साथ मैग्नीशियम-युक्त पदार्थ ले गया और धीरे-धीरे दूर वाले हिस्से की मोटी परत बना दी।

मॉडल के मुताबिक, इस बग़ल की बहाव ने बचा हुआ पिघला पदार्थ नज़दीकी हिस्से की ओर भी धकेला होगा। इससे दूर वाले हिस्से में पोटैशियम, दुर्लभ मृदा तत्व और फॉस्फोरस से भरपूर पदार्थ की केवल पतली परतें ही बचीं, शोधकर्ताओं ने बताया।

शब्दों की व्याख्या

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