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चीन के लॉन्ग मार्च 6सी ने सात उपग्रह भेजे, गैलेक्सीस्पेस का पहला निर्यात क्यूबसैट भी शामिल

मंगलवार सुबह शांक्सी प्रांत के ताइयुआन प्रक्षेपण केंद्र से लॉन्ग मार्च 6सी रॉकेट सात उपग्रहों के साथ रवाना हुआ। इनमें से तीन गैलेक्सीस्पेस ने बनाए, जिनमें लिंगझी-09 थाई क्यूबसैट कंपनी का पहला पूर्ण उपग्रह निर्यात है।

चीन ने मंगलवार सुबह सात उपग्रह कक्षा में भेजे। यह जानकारी देश की प्रमुख अंतरिक्ष ठेकेदार कंपनी चाइना एयरोस्पेस साइंस एंड टेक्नोलॉजी कॉर्प ने दी। सरकारी कंपनी के मुताबिक 43 मीटर ऊँचा लॉन्ग मार्च 6सी रॉकेट शांक्सी प्रांत के पहाड़ी इलाके में बने ताइयुआन उपग्रह प्रक्षेपण केंद्र से सुबह 11:21 बजे रवाना हुआ और उपग्रहों को पहले से तय कक्षाओं में स्थापित कर दिया।

दो चरणों वाला लॉन्ग मार्च 6सी रॉकेट शंघाई एकेडमी ऑफ स्पेसफ्लाइट टेक्नोलॉजी ने विकसित किया है। इसका व्यास 3.35 मीटर है और इसे तरल ऑक्सीजन तथा केरोसिन जलाने वाले तीन इंजन चलाते हैं। 215 मीट्रिक टन के लिफ्टऑफ वजन वाला यह रॉकेट 500 किलोमीटर ऊँची सन-सिंक्रोनस कक्षा तक करीब 2.4 टन और 300 किलोमीटर ऊँची निचली पृथ्वी कक्षा तक 4 टन का भार ले जा सकता है।

इस उड़ान के तीन उपग्रह — एयरसैट 14, एयरसैट 15 और लिंगझी-09 थाई क्यूबसैट — बीजिंग की व्यावसायिक अंतरिक्ष कंपनी गैलेक्सीस्पेस ने बनाए हैं। लिंगझी-09 थाई क्यूबसैट गैलेक्सीस्पेस का पहला ऐसा निर्यात है जिसमें पूरा उपग्रह और जमीनी सिस्टम किसी विदेशी ग्राहक को दिया गया। कंपनी के मुताबिक यह पहली बार है जब किसी चीनी व्यावसायिक अंतरिक्ष कंपनी ने उपग्रह निर्माण, प्रक्षेपण और कक्षा में सुपुर्दगी का पूरा पैकेज किसी दक्षिण-पूर्व एशियाई देश को सौंपा है।

एयरसैट 14 और 15 शांगदोंग प्रांत के जिनान में मुख्यालय वाली उपग्रह संचालक कंपनी एयरसैट के लिए बनाए गए हैं। इनमें हाई-रेजोल्यूशन सिंथेटिक अपर्चर रडार लगे हैं, जो रोशनी की जगह रेडियो तरंगों से तस्वीरें बनाते हैं और इसीलिए बादलों के पार तथा रात में भी देख सकते हैं। साथ ही इनमें अंतरिक्ष आधारित क्लाउड पेलोड भी हैं। इन दोनों उपग्रहों को मिलकर एक एकीकृत अंतरिक्ष आधारित सूचना मंच बनाना है। गैलेक्सीस्पेस इस मिशन को अंतरिक्ष आधारित कंप्यूटिंग में अपनी एक अहम उपलब्धि बताती है।

गैलेक्सीस्पेस अब तक दस से ज्यादा सिंथेटिक अपर्चर रडार उपग्रह भेज चुकी है, और इसके साथ उसके खुद विकसित किए उपग्रहों की कुल संख्या 49 हो गई है।

शब्दों की व्याख्या

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