नवंबर के भू-चुंबकीय महातूफान ने अमेरिका में जीपीएस सटीकता बिगाड़ी
11 नवंबर 2025 के भू-चुंबकीय महातूफान ने महाद्वीपीय अमेरिका में जीपीएस स्थिति-निर्धारण त्रुटि को 10 मीटर से अधिक बढ़ा दिया। यह तूफान खेती के मौसम से बाहर आया, इसलिए मई 2024 के तूफान जैसा भारी कृषि नुकसान शायद टल गया, ऐसा अध्ययन के लेखकों का कहना है।
चरण दर चरण
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सूर्य से सौर ज्वाला व CME निकलना
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आवेशित कण आयनमंडल को अशांत करते हैं
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ऑरोरल ओवल भूमध्य रेखा तक फैलता है
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अमेरिका के ऊपर सिग्नल सिंटिलेट होते हैं
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जीपीएस त्रुटि 10 मीटर से अधिक हुई
11 नवंबर 2025 को, एक सक्रिय सनस्पॉट क्षेत्र से निकलीं सौर ज्वालाओं (सोलर फ्लेयर) और कोरोनल मास इजेक्शन के कारण पृथ्वी पर एक गंभीर भू-चुंबकीय तूफान आया। इस तूफान ने दुनियाभर में व्यापक रूप से दिखने वाला औरोरा (ध्रुवीय ज्योति) पैदा किया, लेकिन साथ ही पृथ्वी के आयनमंडल को भी अस्त-व्यस्त कर दिया और रेडियो सिग्नलों को बाधित किया। जर्नल जियोफिजिकल रिसर्च लेटर्स में प्रकाशित एक अध्ययन में पाया गया कि इस तूफान ने अमेरिका के उन हिस्सों में जीपीएस सिग्नल गड़बड़ा दिए, जहां पहले कभी ऐसी गड़बड़ी दर्ज नहीं हुई थी।
ऑरोरल ओवल — पृथ्वी के चुंबकीय ध्रुवों के चारों ओर वह वलय जहां औरोरा दिखता है — सामान्यतः भू-चुंबकीय अक्षांश के लगभग 65 से 75 डिग्री के बीच रहता है, लेकिन तेज़ तूफानों के दौरान यह भूमध्य रेखा की ओर फैल जाता है। इससे पृथ्वी के ऊपरी वायुमंडल की आवेशित परत, यानी आयनमंडल, अशांत हो जाती है, जिससे इसमें से गुजरने वाले उपग्रह सिग्नल सिंटिलेशन की स्थिति में आ जाते हैं। यानी उनकी तीव्रता और चरण तेज़ी से उतार-चढ़ाव करने लगते हैं, जिससे जीपीएस की सटीकता घट जाती है। सिंटिलेशन आमतौर पर ध्रुवीय और भूमध्यरेखीय क्षेत्रों में सबसे तेज़ होता है, लेकिन शोधकर्ताओं का कहना है कि तीव्र तूफानों के दौरान यह सामान्यतः स्थिर रहने वाले मध्य-अक्षांश क्षेत्रों को भी प्रभावित कर सकता है।
नवंबर के तूफान का अध्ययन करने के लिए शोधकर्ताओं ने औरोरा-कैमरा अवलोकनों को अमेरिका और कनाडा भर में फैले ज़मीनी जीपीएस रिसीवर नेटवर्क के आंकड़ों के साथ जोड़ा। उन्होंने पाया कि ऑरोरल ओवल भूमध्य रेखा की ओर खिसक गया और इलेक्ट्रॉन प्रीसिपिटेशन — यानी ऊपरी वायुमंडल में बरसते आवेशित कण — कई देशांतरों में तेज़ हो गए। इससे महाद्वीपीय अमेरिका के अधिकांश हिस्से में — तट से तट तक और दक्षिण में फ्लोरिडा तक — तेज़ सिंटिलेशन पैदा हुआ। इस गड़बड़ी ने घंटों तक जीपीएस स्थिति-निर्धारण त्रुटि को 10 मीटर (करीब 33 फीट) से भी अधिक बढ़ा दिया।
जीपीएस सिर्फ रास्ता बताने तक सीमित नहीं है; यह सुरक्षा प्रणालियों, स्वचालित परिवहन, सटीक कृषि (प्रिसिजन एग्रीकल्चर) और वित्तीय लेन-देन में भी काम आता है। मई 2024 में आया एक अधिक गंभीर तूफान बुवाई के मौसम में आया था, और उसकी वजह से हुई जीपीएस त्रुटियों ने अमेरिकी किसानों को अनुमानित 500 मिलियन डॉलर से अधिक का नुकसान पहुंचाया। चूंकि नवंबर 2025 का तूफान खेती के मौसम से बाहर आया, इसलिए शोधकर्ताओं का कहना है कि इस तरह का महंगा नुकसान शायद टल गया होगा।
शोधकर्ताओं ने लिखा कि यदि नवंबर का यह महातूफान अमेरिका में खेती के मौसम के दौरान शुरू हुआ होता, तो इससे अमेरिकी कृषि और परिवहन क्षेत्रों को भारी नुकसान हो सकता था। यह उन तूफान-कालीन आयनमंडलीय अनियमितताओं को समझने की ज़रूरत को रेखांकित करता है, जो सिंटिलेशन पैदा करती हैं।
शब्दों की व्याख्या
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