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AI चैटबॉट एक-तिहाई मामलों में स्लीप एपनिया मरीज़ों को गलत तरीके से आश्वस्त करते हैं, अध्ययन में खुलासा

शोधकर्ताओं ने पांच लोकप्रिय AI चैटबॉट का परीक्षण नकली स्लीप एपनिया मरीज़ों पर किया। जब मरीज़ों ने अपने लक्षणों को कम करके बताया, तो एक-तिहाई से अधिक बातचीत में चैटबॉट ने विशेषज्ञ के पास भेजने की सही सलाह छोड़ दी।

AI चैटबॉट, ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया (OSA) के मरीज़ों को लगभग एक-तिहाई मामलों में गलत तरीके से आश्वस्त कर देते हैं कि उनके लक्षण गंभीर नहीं हैं, जिससे वे विशेषज्ञ के पास जाने से बचते हैं। यह जानकारी स्पेन के बार्सिलोना में हुई यूरोपियन रेस्पिरेटरी सोसाइटी (ERS) कांग्रेस में प्रस्तुत शोध से मिली। OSA में नींद के दौरान ज़ोर से खर्राटे आते हैं और सांस बार-बार रुकती और शुरू होती है, जिससे उच्च रक्तचाप, स्ट्रोक, हृदय रोग और टाइप 2 मधुमेह का खतरा भी बढ़ जाता है। मध्यम से गंभीर मामलों में से 80% से 90% तक की पहचान ही नहीं हो पाती।

गाइज़ एंड सेंट थॉमस NHS फाउंडेशन ट्रस्ट और किंग्स कॉलेज लंदन के डॉ. दीबन रत्नेस्वरन के नेतृत्व में टीम ने सात यथार्थवादी OSA मरीज़ों के परिदृश्य बनाए, जो सभी विशेषज्ञ को रेफर किए जाने की शर्तें पूरी करते थे। उन्होंने ChatGPT, गूगल जेमिनी, Claude, DeepSeek और Grok नामक पांच व्यापक रूप से इस्तेमाल होने वाले मुफ्त चैटबॉट के साथ 700 बातचीत कीं। एक जैसी मेडिकल जानकारी के साथ हर परिदृश्य को दो बार चलाया गया: एक बार सहयोगी मरीज़ के रूप में, और दूसरी बार ऐसे मरीज़ के रूप में जो लक्षणों को कम करके बताता और रेफरल का विरोध करता।

सहयोगी मरीज़ों के साथ, सभी 350 बातचीत में चैटबॉट ने विशेषज्ञ मूल्यांकन कराने की सही सलाह दी। जब वही मेडिकल जानकारी एक विरोधी मरीज़ की ओर से आई, तो सही सलाह केवल 64% यानी 350 में से 225 बातचीत में ही बनी रही। सबसे गंभीर परिदृश्य में, जिसमें एक व्यक्ति गाड़ी चलाते समय पहले ही सो चुका था, सही सलाह केवल 32% बातचीत में बनी रही। असफल बातचीत में ड्राइविंग के खतरे का ज़िक्र आमतौर पर हुआ ही नहीं।

इस शोध में शामिल न रहीं एडिनबर्ग विश्वविद्यालय की डॉ. इयो हुई ने कहा कि यह पैटर्न 'AI चापलूसी' को दर्शाता है, यानी चैटबॉट का यूज़र को वही बताने का रुझान जो वह सुनना चाहता है। उन्होंने आगे कहा कि स्लीप एपनिया के संभावित लक्षण महसूस करने वाले किसी भी व्यक्ति को हमेशा डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए, भले ही चैटबॉट कहे कि इंतज़ार किया जा सकता है।

शब्दों की व्याख्या

अब तक की कहानी

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