दवा-प्रतिरोधी बैक्टीरिया को हराने के लिए तुरंत विविध फ़ेज़ मिश्रण ज़रूरी
बैक्टीरियोफ़ेज़ थेरेपी के एक नए गणितीय मॉडल से पता चलता है कि एक ही फ़ेज़ के बजाय विविध फ़ेज़ मिश्रण को तुरंत इस्तेमाल करने से बैक्टीरिया को प्रतिरोध विकसित करने का मौका बहुत कम मिलता है।
चरण दर चरण
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बैक्टीरिया संक्रमण शुरू, कुछ प्रतिरोधी
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एक फ़ेज़ संवेदनशील बैक्टीरिया को मारता है
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प्रतिरोधी बैक्टीरिया बचकर बढ़ते, बदलते हैं
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विविध मिश्रण कई तरफ से हमला करता है
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तुरंत पूरी खुराक प्रतिरोध को रोकती है
कई दवाओं के प्रति प्रतिरोधी बैक्टीरिया सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए एक बड़ी चुनौती बनते जा रहे हैं। इसी वजह से शोधकर्ता बैक्टीरियोफ़ेज़ थेरेपी पर नए सिरे से ध्यान दे रहे हैं। इसमें फ़ेज़ नाम के वायरस का इस्तेमाल कर खास बैक्टीरिया को संक्रमित कर नष्ट किया जाता है। जर्नल पीएलओएस कम्प्यूटेशनल बायोलॉजी में बताए गए एक नए गणितीय मॉडल का मकसद यह समझाना है कि कोई फ़ेज़ थेरेपी क्यों कामयाब होती है या नाकाम रहती है, और संक्रमण से लड़ने वाले फ़ेज़ मिश्रण को कैसे बेहतर बनाया जाए।
लॉस अलामोस नेशनल लेबोरेटरी के वैज्ञानिक और इस शोध के सह-लेखक एलन पेरेल्सन ने कहा, 'फ़ेज़ इस ग्रह पर सबसे ज़्यादा पाए जाने वाले जीव हैं। जहां भी बैक्टीरिया होते हैं, वहां ये मौजूद होते हैं। लेकिन हर फ़ेज़ सिर्फ़ खास बैक्टीरिया को निशाना बनाने के लिए विकसित हुआ है, और बैक्टीरिया ने भी कई तरह के प्रतिरोध तरीके विकसित किए हैं'। बैक्टीरिया फ़ेज़ पर तेज़ी से और जटिल तरीकों से प्रतिक्रिया देते हैं। इसलिए आमतौर पर यह साफ़ नहीं होता कि कोई खास फ़ेज़ इलाज कामयाब हुआ या नहीं।
रॉब जे. डी बोएर के नेतृत्व वाली टीम ने एक जीवित चूहे पर हुई फ़ेज़ थेरेपी के आंकड़ों से बने पहले के मॉडल को आधार बनाया। उन्होंने उसे इंसानों तक विस्तृत किया। इसमें कई फ़ेज़, अलग-अलग स्तर के प्रतिरोध वाले कई बैक्टीरिया प्रकारों को संक्रमित करते हुए शामिल किए गए। मॉडल ने दिखाया कि इलाज से पहले बैक्टीरिया का प्रतिरोध स्तर, फ़ेज़ मिश्रण की विविधता, और उसे देने का समय — ये सभी थेरेपी की कामयाबी तय करते हैं। ज़्यादा असरदार फ़ेज़ कम प्रतिरोधी बैक्टीरिया को तेज़ी से खत्म कर देते हैं। लेकिन इससे ज़्यादा प्रतिरोधी बैक्टीरिया को बढ़ने और मज़बूत प्रतिरोध विकसित करने का मौका मिल जाता है। विविध फ़ेज़ मिश्रण बैक्टीरिया की प्रतिरोध विकसित करने की क्षमता को मात दे देता है। पूरा मिश्रण तुरंत देने से एक ऊंची आनुवंशिक बाधा बनती है, जिससे बचने के लिए बैक्टीरिया को एक साथ कई आनुवंशिक बदलाव करने पड़ते हैं।
पेरेल्सन ने कहा, 'प्रतिरोध का तेज़ी से विकसित होना ही इलाज के लिए सबसे बड़ी चुनौती है। यही वजह है कि एंटीबायोटिक शुरू में ही काम नहीं कर पातीं। फ़ेज़ थेरेपी कारगर होने के लिए मिश्रण विविध, पर्याप्त और तुरंत दिया जाने वाला होना चाहिए।' उन्होंने कहा कि यह तरीका बैक्टीरिया पर तेज़ी से और कड़ा वार करने के बराबर है।
शब्दों की व्याख्या
अब तक की कहानी
- Corn Root Bacteria Act Completely Differently Outside the Lab, Study Finds
- Some Bacteria Build Internal 'Power Cables' to Extend Respiration Beyond the Cell Membrane
- दवा-प्रतिरोधी बैक्टीरिया को हराने के लिए तुरंत विविध फ़ेज़ मिश्रण ज़रूरी
