अनजान 'यौवन' दवा आज़मा रही कंपनी, डॉक्टरों को ही शक
जेनरेशन लैब का कहना है कि दो पुरानी दवाओं का मिश्रण खून में उम्र बढ़ने के असर को पलट सकता है। लेकिन कंपनी यह नहीं बताती कि वे दवाएं कौन-सी हैं, और इसे लोगों को देने वाले डॉक्टर को खुद नहीं पता कि यह कैसे काम करती है।
चरण दर चरण
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2005: जवान-बूढ़े चूहे जोड़े गए
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जवान खून घाव भरने में मदद करता है
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जेनरेशन लैब ने दो दवाओं का मिश्रण बनाया
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परीक्षण से पहले चुनिंदा लोगों को दवा
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कंपनी सौ लोगों पर अध्ययन की योजना
जेनरेशन लैब नाम की एक स्टार्टअप कंपनी एक प्रायोगिक 'कायाकल्प' इलाज दे रही है। इसे '1 जेनरेशन' कहा जाता है, जो दो पुरानी दवाओं का इंजेक्शन वाला मिश्रण है। इसका असर साबित करने वाला कोई शोध प्रकाशित होने से पहले ही यह कुछ चुनिंदा लोगों को दिया जा रहा है। कैलिफ़ोर्निया विश्वविद्यालय, बर्कले की उम्र बढ़ने पर शोध करने वाली वैज्ञानिक इरीना कॉनबॉय इस कंपनी की वैज्ञानिक संस्थापक हैं। कंपनी यह नहीं बताती कि मिश्रण में कौन-सी दो दवाएं हैं।
कॉनबॉय पैराबायोसिस नाम की तकनीक के लिए जानी जाती हैं। इसमें उन्होंने बूढ़े और जवान प्रयोगशाला जानवरों के रक्त-संचार तंत्र को सर्जरी से आपस में जोड़ा। व्यापक रूप से उद्धृत 2005 के एक अध्ययन में, उन्होंने दो महीने के चूहों को बहुत बूढ़े चूहों से जोड़ा। इससे बूढ़े जानवरों की घाव भरने की क्षमता में काफी सुधार हुआ। इससे पता चला कि जवान खून में ऐसे आणविक संकेत हो सकते हैं जो बूढ़े जानवर की पुनर्जीवित होने की क्षमता लौटा सकते हैं। वैज्ञानिकों ने इसका उल्टा भी पाया है। बूढ़े चूहे का प्लाज़्मा एक बार भी जवान चूहे को दिया जाए, तो उसका बुरा असर पड़ता है। हार्वर्ड से निकली कंपनी एलेवियन और स्टैनफोर्ड से जुड़ी अल्काहेस्ट जैसी अन्य स्टार्टअप कंपनियों ने भी ऐसे ही खून-जनित संकेतों के आधार पर लकवा और अल्ज़ाइमर जैसी बीमारियों के इलाज के लिए पैसा जुटाया है। लेकिन अब तक कोई भी बाज़ार में नहीं पहुंचा है।
जेनरेशन लैब की मुख्य कार्यकारी अलीना सू का कहना है कि इस इलाज की प्रतीक्षा सूची में जाने-माने लोग भी शामिल हैं। कंपनी सौ या उससे ज़्यादा लोगों पर एक बड़ा अध्ययन करने की योजना बना रही है। लेकिन फ़ायदे का पक्का सबूत मिलने से पहले ही कंपनी दूसरों को भी यह दवा मिश्रण दे रही है। इस प्रस्तावित अध्ययन का नेतृत्व वैकल्पिक चिकित्सा करने वाले लॉन्जिविटी डॉक्टर करेंगे, जिनमें बायोरीसेट मेडिकल क्लिनिक नेटवर्क के संस्थापक मैट कुक भी शामिल हैं। उनके क्लिनिक स्टेम-सेल इंजेक्शन जैसे अप्रमाणित इलाज देते हैं। 2021 की एक रिपोर्ट के अनुसार कुक ने कोविड-19 के ऐसे इलाज सुझाए थे जिन्हें अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने फर्ज़ी बताया था।
कुक ने खुद भी यह दवा मिश्रण लिया है। उन्होंने कहा कि शुरुआत में उन्हें शक था कि यह काम करेगा, क्योंकि इनमें से कोई भी दवा अकेले उम्र बढ़ने-रोधी दवा नहीं है। उन्होंने बताया कि इंजेक्शन शुरू करने के बाद उन्हें लंबे समय तक मानसिक स्पष्टता महसूस हुई। उन्होंने कहा कि दूसरे लोगों ने भी अच्छा महसूस करने और पुराने दर्द गायब होने की बात कही। उन्होंने कहा, 'मेरे पास जवाबों से ज़्यादा सवाल हैं। मुझे अब भी ठीक से समझ नहीं आया कि इसका तंत्र क्या है।'
शब्दों की व्याख्या
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