आइंस्टीन पहेली के टाइल आकार में मिला असामान्य 'काइरल' प्रकाश प्रभाव
टोक्यो विश्वविद्यालय के औद्योगिक विज्ञान संस्थान के शोधकर्ताओं ने 'आइंस्टीन पहेली' के 2023 के समाधान 'स्मिथ हैट' टाइल आकार पर आधारित नैनो-स्तर की ऑप्टिकल संरचनाएं बनाईं। इनमें असामान्य 'काइरल' (एकतरफा दिशा वाला) प्रकाश विवर्तन प्रभाव पाया गया, यह अध्ययन नेचर…
टोक्यो विश्वविद्यालय के औद्योगिक विज्ञान संस्थान और सहयोगी संस्थानों के शोधकर्ताओं ने एक नई खोज प्रकाशित की है। 'आइंस्टीन पहेली' नामक गणितीय पहेली के 2023 के समाधान 'स्मिथ हैट' टाइल आकार पर आधारित नैनो-स्तर की ऑप्टिकल संरचनाएं उन्होंने बनाईं। दर्पण-सममिति न होने के कारण एक दिशा-विशेष गुण वाला — जिसे 'काइरल' () कहा जाता है — असामान्य प्रकाश विवर्तन प्रभाव इनमें मिला। यह अध्ययन नेचर कम्युनिकेशन्स पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।
'आइंस्टीन पहेली' यह सवाल था कि क्या एक ही आकार की टाइल किसी सतह को बिना किसी दोहराव वाले नमूने के पूरी तरह ढक सकती है। ऐसी एक-आकार वाली टाइल को 'मोनोटाइल' (monotile) कहा जाता है। मधुमक्खी के छत्ते या शतरंज बिसात जैसे सामान्य पैटर्न बार-बार दोहराते हैं, लेकिन यह 'अपीरियोडिक मोनोटाइल' कभी दोहराए बिना पूरी सतह को ढक देती है। 'हैट टाइल में सबसे दिलचस्प बात यह है कि पहली नजर में यह अनियमित लगती है, लेकिन असल में यह हनीकॉम्ब (मधुमक्खी छत्ते जैसी) संरचना से ही बनी है,' मुख्य लेखक युटो मोरिताके ने कहा। 'हम यह देखना चाहते थे कि क्या यह अनोखा आकार कोई अप्रत्याशित भौतिक परिघटना भी पैदा कर सकता है,' उन्होंने बताया।
इसकी जांच के लिए शोधकर्ताओं ने इलेक्ट्रॉन-बीम लिथोग्राफी तकनीक का इस्तेमाल कर सिलिकॉन नाइट्राइड की परतों पर नैनो-स्तर के स्मिथ हैट पैटर्न बनाए। फिर उन पर लेज़र प्रकाश डालकर, प्रकाश के संरचना से टकराने पर बनने वाले पैटर्न यानी 'विवर्तन' () का अध्ययन किया। सामान्य क्वासिक्रिस्टल (quasicrystal) में दिखने वाले व्यवहार के बजाय, इन संरचनाओं ने अलग किस्म के 'पिनव्हील' (pinwheel) जैसे विवर्तन पैटर्न बनाए। 'हमने पाया कि संरचना में दर्पण-सममिति न होने के कारण विवर्तन पैटर्न खुद काइरल बन जाते हैं,' वरिष्ठ लेखक मसाया नोतोमी ने समझाया। 'इस तरह की ऑप्टिकल प्रतिक्रिया सामान्य क्वासिक्रिस्टलीय पदार्थों में देखी गई प्रतिक्रिया से बुनियादी तौर पर अलग है,' उन्होंने कहा।
यह प्रभाव स्थिर नहीं था; आती हुई रोशनी की दिशा या ध्रुवीकरण (polarization) बदलने पर विवर्तन पैटर्न भी बदल जाता था। जब संरचनाओं की दर्पण-प्रतिबिंब आकृतियां बनाई गईं, तो ऑप्टिकल व्यवहार भी उसी अनुसार उलट गया, जो सममिति द्वारा नियंत्रित एक नई तरह की प्रतिक्रिया दर्शाता है। 'ये परिणाम अर्ध-आवर्ती क्रम और काइरैलिटी के मेल पर शोध की एक नई दिशा खोलते हैं,' मोरिताके ने कहा। शोधकर्ताओं को उम्मीद है कि मोनोटाइल से प्रेरित संरचनाएं भविष्य में प्रकाश को नियंत्रित करने, ध्रुवीकरण को नियंत्रित करने और उन्नत ऑप्टिकल उपकरण बनाने की तकनीकों में मदद कर सकती हैं।
'अपीरियोडिक मोनोटाइल संरचना से काइरल विवर्तन' शीर्षक वाला यह अध्ययन नेचर कम्युनिकेशन्स में प्रकाशित हुआ। इसे युटो मोरिताके, मासातो तकिगुची, ताकुमा आइहारा और मसाया नोतोमी ने लिखा, और यह 29 जुलाई 2026 को प्रकाशित हुआ।
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