इंडोनेशिया की आग से 2015 के अल नीनो स्तर से भी ज़्यादा धुआं उत्सर्जन
बोर्नियो और सुमात्रा में फैली आग ने एक ही हफ्ते में, तेज़ अल नीनो वर्ष 2015 की समान अवधि से भी ज़्यादा कार्बन उत्सर्जन छोड़ा है। इसका धुआं मलेशिया, सिंगापुर और फिलीपींस तक फैल गया है।
चरण दर चरण
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अल नीनो इंडोनेशिया के जंगलों और पीटलैंड को सुखा देता है
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जलाकर ज़मीन साफ करने से आग शुरू होती है
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सूखा पीट आग को बड़ा और लंबा बना देता है
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धुआं मलेशिया, सिंगापुर और फिलीपींस तक फैलता है
बोर्नियो और सुमात्रा के बड़े हिस्सों को हफ्तों से जला रही आग के चलते इंडोनेशिया के कई इलाकों में घना धुआं छा गया है। नुसंतारा एटलस पोर्टल के स्वतंत्र अनुमान के अनुसार, इस साल अब तक इंडोनेशिया में करीब 3 लाख हेक्टेयर ज़मीन जल चुकी है। कोपरनिकस वायुमंडल निगरानी सेवा के फायर एमिशन वॉच पोर्टल के अनुसार, 28 अगस्त से 3 सितंबर के बीच इस द्वीपसमूह में 2.3 करोड़ टन से ज़्यादा कार्बन उत्सर्जन हुआ। यह तेज़ अल नीनो वर्ष 2015 की इसी अवधि में हुए 2.07 करोड़ टन उत्सर्जन से भी ज़्यादा है।
कोपरनिकस वायुमंडल निगरानी सेवा के वरिष्ठ वैज्ञानिक मार्क पैरिंगटन के अनुसार, पिछले तेज़ अल नीनो वर्षों जैसा बेहद गंभीर आग उत्सर्जन अभी से ही दिख रहा है। धुएं, धुंध और वायु गुणवत्ता पर असर की सीमा भी उतनी ही बड़ी है। संयुक्त राष्ट्र ने इस हफ्ते कहा कि यह पिछले चार दशकों का सबसे तेज़ अल नीनो साबित हो सकता है। विश्लेषकों के अनुसार अल नीनो मौसम परिघटना ने इंडोनेशिया को सुखाकर आग फैलना आसान बना दिया। लेकिन नुसंतारा एटलस के संस्थापक डेविड गैवो ने कहा कि जलाकर ज़मीन साफ करने की प्रथा ने भी इस नुकसान में योगदान दिया। उन्होंने कहा, “अल नीनो आग नहीं लगाता। यह वे सूखी परिस्थितियां बनाता है जिनमें इंसानों की शुरू की आग बेकाबू होकर बहुत बड़ी बन जाती है।”
ज़्यादातर आग पीटलैंड में लगी, जो एक नम भूमि पारिस्थितिकी तंत्र है, जिसमें आधे-सड़े जैविक पदार्थ की परतें सूखने पर आसानी से जल उठती हैं। इससे इन्हें बुझाना मुश्किल हो जाता है। गैर-सरकारी संस्था पंताउ गम्बुत के अनुसार, इस साल जनवरी से अगस्त के बीच देश भर के पीटलैंड इलाकों में 2.1 लाख से ज़्यादा हॉटस्पॉट मिले। पंताउ गम्बुत के प्रवक्ता वाह्यु पेर्दाना ने कहा, “पीट स्वाभाविक रूप से एक नम पारिस्थितिकी तंत्र है, जो बड़ी मात्रा में जैविक पदार्थ संग्रहीत करता है। जब पीट से पानी निकल जाता है, तो यह जैविक पदार्थ ईंधन में बदल जाता है।”
इंडोनेशिया के उप स्वास्थ्य मंत्री डांटे साक्सोनो हरबुवोनो ने पिछले महीने कहा कि बोर्नियो और सुमात्रा में 50 लाख से ज़्यादा लोग इस धुएं से सीधे स्वास्थ्य जोखिम में हैं। बिगड़ती वायु गुणवत्ता के कारण 14 लाख से ज़्यादा छात्र ऑनलाइन कक्षाओं में पढ़ रहे हैं। मलेशिया में बढ़ते प्रदूषण के चलते सरकार ने बोर्नियो के सारावाक राज्य के एक क्षेत्र में आपातकाल घोषित कर दिया, जहां करीब 650 स्कूल बंद किए जाने हैं। फिलीपींस में एक हफ्ते तक “बेहद अस्वस्थकर” वायु गुणवत्ता रहने के बाद स्थिति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। इस धुएं ने सिंगापुर के मध्य क्षेत्र की वायु गुणवत्ता को भी “अस्वस्थकर” स्तर तक पहुंचा दिया।
शब्दों की व्याख्या
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- इंडोनेशिया की आग से 2015 के अल नीनो स्तर से भी ज़्यादा धुआं उत्सर्जन
