क्वांटम सिम्युलेटर्स ने 40 साल पुराने कॉन्फॉर्मल फील्ड थ्योरी के अनुमानों की पुष्टि की
कैल्टेक और सहयोगी विश्वविद्यालयों के भौतिकविदों ने लेज़र से पकड़े गए परमाणुओं से बने क्वांटम सिम्युलेटर्स का इस्तेमाल कर, दशकों पहले कॉन्फॉर्मल फील्ड थ्योरी द्वारा बताए गए ऊर्जा स्तरों को सीधे मापा है।
चरण दर चरण
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स्ट्रॉन्शियम परमाणु कतार में सजाए गए
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लेज़र परमाणुओं को रिडबर्ग अवस्था में धकेलते हैं
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सिस्टम सैद्धांतिक क्रिटिकल पॉइंट पर समायोजित
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ऊर्जा स्तर मापे गए, थ्योरी के अनुमान से मेल
पानी के उबलने के करीब पहुँचने या चुंबक के अपना चुंबकत्व खोने जैसे 'फेज़ बदलाव' के पास दिखने वाले 'सार्वभौमिक' व्यवहार को बताने वाले गणितीय ढाँचे। कॉन्फॉर्मल फील्ड थ्योरी के दशकों पुराने अनुमानों को भौतिकविदों ने क्वांटम सिम्युलेटर्स का इस्तेमाल कर पहली बार परखा है। यह अध्ययन पत्रिका Nature में प्रकाशित हुआ।
कैल्टेक के मैनुअल एंड्रेस के नेतृत्व वाले प्रायोगिक समूह और जेसन एलिसिया के नेतृत्व वाले सैद्धांतिक समूह ने, फ्रांस के Université Paris-Saclay और जर्मनी के टेक्निकल यूनिवर्सिटी ऑफ म्यूनिख के शोधकर्ताओं के साथ मिलकर। आइज़िंग (Ising) और ट्राइक्रिटिकल आइज़िंग कॉन्फॉर्मल फील्ड थ्योरी द्वारा बताए गए ऊर्जा स्तरों को पहली बार सीधे मापा।
स्ट्रॉन्शियम परमाणुओं को एक कतार में सजाने के लिए शोधकर्ताओं ने 'ऑप्टिकल ट्वीज़र्स' नाम की लेज़र तकनीक का इस्तेमाल किया, जो क्वांटम कंप्यूटरों में भी इस्तेमाल होती है। अतिरिक्त लेज़रों ने परमाणुओं को उच्च-ऊर्जा रिडबर्ग अवस्था में धकेला, जिससे पास के परमाणु मज़बूती से आपस में जुड़े और पूरी शृंखला एक साथ व्यवहार करने लगी। सिद्धांत द्वारा बताए गए क्रिटिकल पॉइंट तक सिस्टम को पहुँचाने के लिए लेज़रों को समायोजित किया गया, फिर 'मैनी-बॉडी मॉड्यूलेशन स्पेक्ट्रोस्कोपी' नाम की विधि से ऊर्जा स्तर मापे गए।
35 परमाणुओं तक की शृंखलाओं में, मापे गए ऊर्जा स्तर — आकार के अनुसार फिर से मापे जाने पर — आइज़िंग कॉन्फॉर्मल फील्ड थ्योरी के अनुमानों से मेल खाए। 'ट्राइक्रिटिकल' नाम के दूसरे बिंदु पर समायोजित करने पर, ट्राइक्रिटिकल आइज़िंग थ्योरी के अनुमानों से मेल खाने वाला अलग ऊर्जा स्तर पैटर्न मिला। नतीजों को सिमेट्री के आधार पर छाँटने पर, पहले छिपा हुआ ऊर्जा स्तरों का एक दूसरा समूह सामने आया।
शोधकर्ताओं की अगली योजना इस तकनीक को एक-आयामी परमाणु शृंखलाओं से बढ़ाकर द्वि-आयामी ग्रिड तक ले जाने की है, जहाँ कॉन्फॉर्मल फील्ड थ्योरी अभी उतनी अच्छी तरह समझी नहीं गई है।
शब्दों की व्याख्या
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