नई इपॉक्सी सामग्री से हवाई जहाज़ के केबिन पैनल अलग कर पुनर्चक्रित किए जा सकेंगे
स्विस शोधकर्ताओं ने एक ऐसी इपॉक्सी-आधारित मिश्रित सामग्री बनाई है, जिसे उम्र पूरी होने पर गर्मी और सॉल्वेंट की मदद से अलग किया जा सकता है। इससे वह अरामिड हनीकॉम्ब और फाइबर वापस मिल जाते हैं, जिन्हें पारंपरिक हवाई जहाज़ पैनल बर्बाद कर देते हैं।
चरण दर चरण
- 1
इपॉक्सी में फॉस्फोरस योजक मिलाना
- 2
सैंडविच पैनल में सामग्री का सख्त होना
- 3
उम्र पूरी होने पर गर्मी व सॉल्वेंट का इस्तेमाल
- 4
हनीकॉम्ब और फाइबर अलग-अलग वापस मिलना
स्विट्ज़रलैंड की एम्पा सामग्री विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी प्रयोगशालाओं के शोधकर्ताओं ने विशेष रसायन कंपनी एलांटास के साथ मिलकर काम किया। उन्होंने एक ऐसी इपॉक्सी-आधारित मिश्रित सामग्री विकसित की है, जिसे उम्र पूरी होने पर पुनर्चक्रण के लिए अलग किया जा सकता है। पारंपरिक इपॉक्सी सामग्री के साथ यह संभव नहीं है।
हवाई जहाज़ों और ट्रेनों के अंदरूनी हिस्सों में, फर्श सहित, अक्सर एक 'सैंडविच' मिश्रित सामग्री इस्तेमाल होती है। इसमें केवलर सहित गर्मी-रोधी पॉलिमर परिवार अरामिड से बना हल्का हनीकॉम्ब कोर होता है। इसे कांच या कार्बन फाइबर की बुनी परतों के बीच रखा जाता है और इपॉक्सी रेज़िन से आपस में जोड़ा जाता है। एम्पा की एडवांस्ड फाइबर्स प्रयोगशाला के शोधकर्ता सब्यसाची गान ने कहा कि इतने सारे गुणों को एक ही सामग्री में लाना एक चुनौती है। उन्होंने आगे कहा कि जब किसी सामग्री को आग-रोधी बनाया जाता है, तो उसके बाकी गुण भी बदल जाते हैं। इपॉक्सी एक थर्मोसेट प्लास्टिक है, जो एक बार सख्त होने पर स्थायी रूप से आपस में जुड़ा हुआ ढांचा बन जाता है, जिससे इसे मज़बूती और गर्मी सहने की क्षमता मिलती है। लेकिन इसका मतलब यह भी है कि इसके अंदर के फाइबर और हनीकॉम्ब को आमतौर पर वापस नहीं निकाला जा सकता। ऐसी सामग्री उम्र पूरी होने पर आमतौर पर जला दी जाती है या लैंडफिल में डाल दी जाती है।
एम्पा का समाधान है इपॉक्सी के सख्त होने से पहले उसमें मिलाया जाने वाला एक फॉस्फोरस-युक्त योजक, जो ऐसा ढांचा बनाता है जिसमें गतिशील बॉन्ड होते हैं। सही गर्मी और प्रसंस्करण की स्थितियों में ये बॉन्ड आपस में अदला-बदली कर सकते हैं, जिससे सख्त हो चुकी सामग्री को बाद में नरम कर फिर से आकार दिया जा सकता है। एलांटास के साथ नई परियोजना में, शोधकर्ताओं ने गर्मी और एक सॉल्वेंट का इस्तेमाल कर एक पूरी विमानन-शैली की सैंडविच सामग्री को तोड़ा। इस तरह उन्होंने इसे अरामिड हनीकॉम्ब और बुने हुए मज़बूती वाले फाइबर में सफलतापूर्वक अलग कर दिया।
फॉस्फोरस योजक सामग्री को आग-रोधी भी बनाता है, जो अहम है क्योंकि हवाई जहाज़ के केबिन में इस्तेमाल होने वाली सामग्री को सख्त अग्नि-सुरक्षा नियमों को पूरा करना होता है। एम्पा के पहले के प्रयोगों में, 2.5% फॉस्फोरस वाले एक फॉर्मूले ने कोन-कैलोरीमीटर परीक्षण में एक तुलनात्मक सामग्री की तुलना में अधिकतम ताप-उत्सर्जन दर 75% और कुल धुआं उत्पादन 72.5% तक घटा दिया। प्रभावी पुनर्चक्रण के लिए 5% से अधिक फॉस्फोरस की मात्रा ज़रूरी थी। एम्पा के अनुसार, एलांटास के साथ बनाई गई सामग्री ज़रूरी अग्नि-सुरक्षा नियमों को पूरा करती है, जबकि इसके यांत्रिक गुण पारंपरिक इपॉक्सी सामग्री जैसे ही बने रहते हैं।
टीम अभी तक इस प्रक्रिया से इपॉक्सी रेज़िन को खुद वापस नहीं निकाल पाई है, लेकिन उनका कहना है कि यह कदम भी संभव होना चाहिए, और वे भविष्य के शोध में इस पर काम करने की योजना बना रहे हैं।
शब्दों की व्याख्या
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