आर्कटिक बर्फ के नीचे की आवाज़ें रिकॉर्ड कर बर्फ के आर-पार रेडियो जोड़ने की कोशिश
एमआईटी लिंकन लेबोरेटरी के शोधकर्ताओं ने आर्कटिक समुद्री बर्फ के नीचे सेंसर लगाकर उसकी ध्वनि पहचान दर्ज की, और चुंबकीय क्षेत्र से बर्फ के आर-पार संपर्क करने वाले एक मॉडेम को भी परखा।
एमआईटी लिंकन लेबोरेटरी के शोधकर्ताओं ने 2024 में अमेरिकी नौसेना के ऑपरेशन आइस कैंप (OIC) अभ्यास के दौरान बाज़ार में उपलब्ध सेंसर लगाए थे। इनका इस्तेमाल कर उन्होंने आर्कटिक समुद्री बर्फ के नीचे से कई तरह की आवाज़ें रिकॉर्ड कीं, जैसे बर्फ के टूटने की आवाज़, सीटी बजाती बेलुगा व्हेल और गुनगुनाते जहाज़ के इंजन। इस साल मार्च में, ऑपरेशन आइस कैंप 2026 के दौरान, टीम एक और उन्नत सेंसर के साथ लौटी: जियोफोन, जो समुद्री बर्फ में कंपन का पता लगाता है।
प्रयोगशाला के एडवांस्ड अंडरसी सिस्टम्स एंड टेक्नोलॉजी ग्रुप के शोधकर्ता बेन इवांस ने कहा, "हमें बर्फ के नीचे आवाज़ पैदा करने वाली चीज़ों में दिलचस्पी है। जैसे, हमारे OIC 2024 आंकड़ों में समुद्री स्तनधारियों की आवाज़ें मिलीं। हमें यह बेहतर समझना है कि ऐसे संकेत बर्फ से होकर कैसे फैलते हैं और उन्हें दूसरे स्रोतों से कैसे अलग पहचाना जाए।"
आर्कटिक समुद्री बर्फ तेज़ी से टूट और पिघल रही है, जिससे पहले नौवहन के लिए बंद रहे रास्ते अब खुल रहे हैं, और इसी के साथ पानी के भीतर की ध्वनि दुनिया भी बदल रही है। बर्फ टूटने से बनने वाली खास ध्वनि पहचान को समझने से शोधकर्ताओं को तटीय समुदायों की सुरक्षा से लेकर जहाज़ों की सुरक्षा तक काम आने वाले पूर्वानुमान औज़ार बनाने में मदद मिल सकती है।
इस साल के अभियान में लगातार बर्फीले तूफानों का सामना करना पड़ा। तापमान माइनस 25 डिग्री फ़ारेनहाइट (माइनस 32 डिग्री सेल्सियस) तक गिर गया, और हवा की रफ़्तार 64 किलोमीटर (40 मील) प्रति घंटे तक पहुंच गई, जिससे अस्थायी बर्फ शिविर आने-जाने वाली उड़ानें कई-कई दिन देरी से चलीं। एला वावर्ज़िनेक और रायन सेंगर सहित टीम अपने तय किए गए सेंसरों में से केवल एक चौथाई ही लगा पाई, इससे पहले कि खराब दृश्यता के कारण उन्हें वापस लौटना पड़ा।
इससे अलग, प्रयोगशाला के शोधकर्ता डेविड व्हेलिहन ने नॉर्वे की कंपनी हावगार्ड का बनाया एक मॉडेम परखा। समुद्री पानी में जल्दी कमज़ोर पड़ जाने वाले रेडियो-फ्रीक्वेंसी संकेतों के बजाय, यह मॉडेम चुंबकीय क्षेत्र का इस्तेमाल कर बर्फ के आर-पार संपर्क करता है। लगाते समय कठोर मौसम से कुछ उपकरण खराब हो गए। आखिरकार यह मॉडेम परीक्षण अलास्का के उत्किआग्विक में स्थित उक्पेआग्विक इनुपियात कॉर्पोरेशन की एक इकाई, यूआईसी साइंस की मदद से किया गया। यह समुद्र में बहती नहीं बल्कि किनारे से जुड़ी बर्फ पर हुआ।
शब्दों की व्याख्या
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