एक ही क्षुद्रग्रह टक्कर ने बदल दिया होगा मंगल के चंद्रमा डीमोस का रूप
मंगल के दो चंद्रमाओं में छोटे डीमोस (Deimos) को एक ही क्षुद्रग्रह की टक्कर ने आकार दिया होगा, स्विट्ज़रलैंड के बर्न विश्वविद्यालय के नेतृत्व में एक अंतरराष्ट्रीय टीम ने पाया है। यह यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी के हेरा यान के डेटा का इस्तेमाल करने वाला पहला अध्ययन…
चरण दर चरण
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45 डिग्री कोण पर डीमोस से टकराया क्षुद्रग्रह
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टक्कर से बना दक्षिणी ध्रुव का गड्ढा
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मलबा पूरे चंद्रमा पर फैला
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हेरा के डेटा से परिदृश्य की पुष्टि
स्विट्ज़रलैंड के बर्न विश्वविद्यालय के नेतृत्व में एक अंतरराष्ट्रीय टीम ने प्रमाण पाया है कि एक ही क्षुद्रग्रह की टक्कर ने मंगल के दो चंद्रमाओं में छोटे डीमोस (Deimos) का रूप नाटकीय ढंग से बदल दिया होगा। इस टक्कर ने उसके दक्षिणी ध्रुव के पास एक बड़ा गड्ढा बनाया और सतह के बड़े हिस्से को मलबे से ढक दिया होगा। नेचर एस्ट्रोनॉमी पत्रिका में प्रकाशित यह अध्ययन, यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) के हेरा (Hera) यान द्वारा डीमोस के पास से गुज़रते समय एकत्र किए गए डेटा का इस्तेमाल करने वाला पहला वैज्ञानिक अध्ययन है।
डीमोस का आकार लगभग अंडाकार है और यह मंगल के दूसरे चंद्रमा फोबोस (Phobos) से काफ़ी अलग दिखता है। फोबोस पर बहुत सारे गड्ढे हैं, जबकि डीमोस चिकना दिखता है क्योंकि यह ढीली धूल, टूटी चट्टान और अन्य मलबे से बनी 'रेगोलिथ' () से ढका है। इसके दक्षिणी ध्रुव के पास का गड्ढा कैसे बना और यह व्यापक रेगोलिथ कहाँ से आया, यह वैज्ञानिकों को ठीक-ठीक नहीं पता था।
डॉ. साबिना रादुकान के नेतृत्व में टीम ने बर्न विश्वविद्यालय में करीब दो दशकों में विकसित उच्च-रिज़ॉल्यूशन कंप्यूटर सिमुलेशन का इस्तेमाल किया, जो टकराने वाली वस्तुओं को लाखों अलग-अलग कणों के रूप में दर्शाते हैं। इनमें गुरुत्वाकर्षण, घनत्व, पदार्थ की मज़बूती, टक्कर की गति और कोण जैसे कारकों को बदलकर अध्ययन किया जा सकता है। शोधकर्ताओं ने करीब सौ सिमुलेशन चलाए, जिनमें से हर एक में लगभग एक हफ़्ता लगा। इन परिणामों की तुलना उन्होंने हेरा द्वारा मार्च 2025 में डीमोस के पास से गुज़रते समय एकत्र किए गए अवलोकनों से की। उस समय हेरा, डाइमॉर्फोस (Dimorphos) नामक क्षुद्रग्रह-चंद्रमा की ओर जाते हुए मंगल के गुरुत्वाकर्षण का सहारा ले रहा था।
सिमुलेशन ने सबसे ज़्यादा एक परिदृश्य की ओर इशारा किया: करीब 320 मीटर चौड़ा एक क्षुद्रग्रह 45 डिग्री के कोण पर डीमोस से टकराया। यह टक्कर डीमोस भर में — कुछ जगहों पर 200 मीटर से भी ज़्यादा गहराई तक — सामग्री फैलाने जितनी शक्तिशाली थी, लेकिन इतनी नहीं कि डीमोस टूट जाए। बर्न विश्वविद्यालय के सह-लेखक मार्टिन युत्ज़ी ने कहा, "हमारा सिमुलेशन दिखाता है कि एक ही टक्कर डीमोस के मौजूदा भू-आकार को निर्णायक रूप से गढ़ने के लिए काफ़ी थी।"
शोधकर्ताओं का कहना है कि डीमोस का कमज़ोर, छिद्रयुक्त आंतरिक भाग टक्कर की ताक़त को सोखने में मदद करने की वजह से यह बच गया। ये निष्कर्ष जापान एयरोस्पेस एक्सप्लोरेशन एजेंसी (JAXA) द्वारा तैयार किए जा रहे मार्शियन मून्स एक्सप्लोरेशन (MMX) मिशन का मार्गदर्शन कर सकते हैं, जिसे फोबोस और डीमोस भेजा जाना है।
शब्दों की व्याख्या
अब तक की कहानी
- डीमोस चांद की दोनों पहेलियां सुलझाईं एक ही उल्कापिंड की टक्कर ने: अध्ययन
- एक ही क्षुद्रग्रह टक्कर ने बदल दिया होगा मंगल के चंद्रमा डीमोस का रूप
