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रूबिन वेधशाला ने प्रसिद्ध कॉस्मॉस क्षेत्र की सबसे गहरी तस्वीर ली

वेरा सी. रूबिन वेधशाला ने अपने लेगेसी सर्वे ऑफ स्पेस एंड टाइम (LSST) कैमरे से पहली बार प्रसिद्ध कॉस्मॉस क्षेत्र की अब तक की सबसे विस्तृत तस्वीर जारी की है। सैकड़ों तस्वीरों को जोड़कर बनाई गई इस तस्वीर में पांच लाख से अधिक आकाशगंगाएं और 50,000 से अधिक तारे…

कॉस्मॉस क्षेत्र — यानी 'कॉस्मिक एवोल्यूशन सर्वे डीप फील्ड' — आकाश के सबसे ज्यादा अध्ययन किए गए हिस्सों में से एक है। यह सेक्सटन्स तारामंडल में स्थित है। हबल स्पेस टेलीस्कोप (HST) ने 2003 से 2005 के बीच अपने एडवांस्ड कैमरा फॉर सर्वेज़ (ACS) की मदद से इसे टुकड़ों में फोटो खींची थी, जिन्हें बाद में जोड़कर ब्रह्मांड के विकास को दिखाने वाली एक तस्वीर बनाई गई थी।

नेशनल साइंस फाउंडेशन (NSF) और डिपार्टमेंट ऑफ एनर्जी (DOE) के सहयोग से चलने वाली वेरा सी. रूबिन वेधशाला ने इसी क्षेत्र को फिर से देखा है और वहां मौजूद लाखों आकाशगंगाओं और तारों की अब तक की सबसे विस्तृत तस्वीर तैयार की है। यह पहली बार है जब रूबिन के लेगेसी सर्वे ऑफ स्पेस एंड टाइम (LSST) कैमरे — जिसे दुनिया का सबसे शक्तिशाली कैमरा कहा जाता है — ने वैज्ञानिक शोध के लिए कोई तस्वीर और सूची तैयार की है।

वैज्ञानिक बीते दो दशकों से भी अधिक समय से दुनिया की प्रमुख दूरबीनों की मदद से कॉस्मॉस क्षेत्र का अध्ययन करते आ रहे हैं, जिससे यह नए उपकरणों को परखने के लिए एक मानक क्षेत्र बन गया है। एसएलएसी नेशनल एक्सेलेरेटर लेबोरेटरी में कार्यरत रूबिन वेधशाला के उप निदेशक फिल मार्शल ने कहा कि इस क्षेत्र के बारे में पहले से मौजूद भारी मात्रा में जानकारी बेहद मूल्यवान है। इसकी बार-बार निगरानी भी, सर्वे के आंकड़ों पर काम करने की तैयारी कर रहे वैज्ञानिकों के लिए इसे एक उपयोगी परीक्षण क्षेत्र बनाती है, उन्होंने बताया।

यह तस्वीर रूबिन के अर्ली डेटा प्रीव्यू 2 (EDP2) के साथ जारी की गई, जो डेटा प्रीव्यू 2 का पहला चरण है। इसमें अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 के बीच, विज्ञान सत्यापन चरण के दौरान लिए गए अवलोकन शामिल हैं। एनएसएफ की नेशनल ऑप्टिकल-इन्फ्रारेड एस्ट्रोनॉमी रिसर्च लेबोरेटरी (NOIRLab) में कार्यरत रूबिन वेधशाला के निदेशक बॉब ब्लम ने कहा कि यह तस्वीर इस क्षेत्र में रूबिन की शुरुआत भर है। आने वाले वर्षों में बार-बार की जाने वाली निगरानी सुपरनोवा जैसी कई अस्थायी और बदलती खगोलीय वस्तुओं को आगे के अध्ययन के लिए सामने लाएगी, उन्होंने बताया।

यह तस्वीर LSST कैमरे के 3.2-गीगापिक्सल सेंसर से ली गई सैकड़ों तस्वीरों को जोड़कर बनाई गई है, और इसमें पांच लाख से अधिक आकाशगंगाएं और 50,000 से अधिक तारे मौजूद हैं। इनमें बार वाली सर्पिल आकाशगंगाएं, चिकनी अंडाकार आकाशगंगाएं, धुंधली लाल आकाशगंगाएं और आपस में टकराकर मिलती आकाशगंगाएं शामिल हैं। ये तारे हमारी आकाशगंगा मिल्की वे के हैं और दृष्टि रेखा पर होने के कारण तस्वीर में दिखते हैं, लेकिन कैमरा आमतौर पर मिल्की वे के घने तल से दूर देखता है। इस वजह से मिल्की वे के तल में मौजूद धूल और गैस — यानी इंटरस्टेलर मीडियम (ISM) — तस्वीर को धुंधला नहीं कर पाई, जिससे वेधशाला अंतरिक्ष में और भी दूर तथा समय में और पीछे तक देख सकी।

शब्दों की व्याख्या

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