टाइफून की बारिश उम्मीद से कम क्यों बढ़ती है? वजह है वातावरण की सूखापन
नेचर जियोसाइंस में प्रकाशित एक नए अध्ययन के मुताबिक, वातावरण गर्म होने पर ज़्यादा नमी सोखता तो है, लेकिन साथ ही सापेक्ष रूप से सूखा भी हो जाता है, जिससे तूफानों की बारिश की बढ़ोतरी सीमित हो जाती है।
चरण दर चरण
- 1
गर्मी हवा की नमी क्षमता बढ़ाती है
- 2
संतृप्ति अंतर बढ़ता है, हवा सूखती है
- 3
सूखी हवा गिरती बूंदें वाष्पित करती है
- 4
सूखी हवा बादल बनना कमज़ोर करती है
- 5
तूफान की बढ़ी बारिश भरपाई होती है
वैज्ञानिक लंबे समय से मानते आए हैं कि वैश्विक तापमान वृद्धि (ग्लोबल वार्मिंग) के कारण टाइफून और हरिकेन जैसे उष्णकटिबंधीय तूफानों से होने वाली बारिश और तेज़ होगी, क्योंकि गर्म वातावरण ज़्यादा नमी सोख सकता है। लेकिन जलवायु मॉडल के अनुमानों में एक पहेली सामने आई है: कई मॉडल बुनियादी ऊष्मागतिकी (thermodynamics) के हिसाब से जितनी बारिश बढ़नी चाहिए, उससे कहीं कम बढ़ोतरी दिखाते हैं।
नेचर जियोसाइंस पत्रिका में एक अध्ययन प्रकाशित हुआ है, जिसका नेतृत्व हांगकांग विश्वविद्यालय (HKU) और इंपीरियल कॉलेज लंदन (ICL) के शोधकर्ताओं ने किया। इस अध्ययन के मुताबिक, इसमें एक गुम कड़ी खोज ली गई है: वातावरण में बढ़ती सूखापन। इस टीम में HKU के पृथ्वी और ग्रह विज्ञान विभाग के प्रोफेसर दाज़ी शी और डॉ. जियानान चेन, तथा ICL के प्रोफेसर राल्फ तूमी शामिल थे। टीम ने जलवायु सिमुलेशन, उपग्रह अवलोकन और पुनर्विश्लेषण डेटा का अध्ययन किया।
शोधकर्ता एक प्रक्रिया की ओर इशारा करते हैं जिसे "कॉलम सैचुरेशन डेफिसिट" कहा जाता है। यह वातावरण में मौजूद असली जलवाष्प की मात्रा और पूर्ण संतृप्ति, यानी बारिश बनने की सीमा, के लिए ज़रूरी मात्रा के बीच का अंतर है। जैसे-जैसे जलवायु गर्म होती है, वातावरण की नमी सोखने की क्षमता तेज़ी से बढ़ती है। इसलिए भले ही सापेक्ष आर्द्रता स्थिर रहे, यह अंतर बढ़ जाता है और हवा असल में ज़्यादा सूखी हो जाती है। यह सूखापन बारिश की बूंदों को धरती तक पहुंचने से पहले ही, पृथ्वी के सबसे नज़दीक वाली वायुमंडल की परत क्षोभमंडल (troposphere) के निचले-मध्य हिस्से से गुज़रते समय वाष्पित कर देता है। साथ ही, तूफान की ऊपर उठती हवा (updraft) में मिलने वाली सूखी हवा नमी को पतला कर देती है, जिससे बादल और बारिश बनने की प्रक्रिया शुरुआत में ही रुक जाती है।
अध्ययन के मुताबिक, ये दोनों असर मिलकर तूफान के तेज़ होने से बढ़ने वाली बारिश की भरपाई करने लायक एक रोक की तरह काम करते हैं, और यही वजह है कि कई जलवायु मॉडल सैद्धांतिक गणनाओं से कम बारिश बढ़ोतरी दिखाते हैं। शोधकर्ताओं ने एक ढांचा प्रस्तावित किया है जिसमें उष्णकटिबंधीय तूफान की बारिश तूफान की तीव्रता, वातावरण की नमी और वर्षा दक्षता पर निर्भर करती है। वर्षा दक्षता का मतलब है कि वह नमी कितनी कुशलता से बारिश में बदलती है। इसमें तूफान की तीव्रता इस दक्षता को बढ़ाती है, जबकि वातावरण की सूखापन इसे घटाती है।
अध्ययन बताता है कि वैश्विक जलवायु मॉडल कुछ बारीक वायुमंडलीय प्रक्रियाओं को पूरी तरह नहीं पकड़ पाते, और भविष्य में बारिश के अनुमानों को बेहतर बनाने के लिए उच्च-रिज़ॉल्यूशन सिमुलेशन की ज़रूरत होगी।
शब्दों की व्याख्या
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