बेटलगेस के छिपे साथी तारे की अब तक की सबसे स्पष्ट तस्वीर मिली
फ्रांसीसी खगोलविद मिगुएल मोंटार्जेस के नेतृत्व में एक टीम ने यूरोपियन सदर्न ऑब्जर्वेटरी की वेरी लार्ज टेलीस्कोप से लाल महादानव तारे बेटलगेस के संभावित साथी तारे बेटलगेस बी की अब तक की सबसे स्पष्ट तस्वीर खींची। यह अध्ययन एस्ट्रॉनमी एंड एस्ट्रोफिजिक्स पत्रिका…
खगोलविदों को अब तक का सबसे मजबूत सबूत मिला है कि ओरायन तारामंडल के मशहूर लाल महादानव तारे बेटलगेस के साथ एक छिपा हुआ साथी तारा भी मौजूद है। फ्रांसीसी खगोलविद मिगुएल मोंटार्जेस के नेतृत्व में एक टीम ने यूरोपियन सदर्न ऑब्जर्वेटरी (ESO) की वेरी लार्ज टेलीस्कोप (VLT) का इस्तेमाल कर बेटलगेस बी की अब तक की सबसे स्पष्ट तस्वीर खींची। यह तारा बेटलगेस का चक्कर लगाता माना जाता है। यह अध्ययन आज एस्ट्रॉनमी एंड एस्ट्रोफिजिक्स नामक पत्रिका में प्रकाशित हुआ।
बेटलगेस के साथ कोई साथी तारा हो सकता है, यह विचार करीब सौ साल पहले उसकी चमक में बदलाव को समझाने के लिए सबसे पहले रखा गया था। लेकिन दशकों की निगरानी के बावजूद खगोलविद उसे साफ तौर पर नहीं देख पाए थे। 2024 में प्रकाशित दो अध्ययनों ने अनुमान लगाया था कि यह साथी तारा दिसंबर 2024 में बेटलगेस से सबसे ज्यादा दूरी पर दिखाई देगा, जो उसे देखने का सबसे अच्छा मौका था। मोंटार्जेस और उनके साथियों ने उसी महीने VLT से इस तारे को देखा, फिर आंकड़ों को समझने में कई महीने लगाए।
टीम ने बेटलगेस बी की प्रत्यक्ष इमेजिंग की, यानी साथी तारे से आने वाली रोशनी को सीधे पकड़ा, और इसके लिए VLT टेलीस्कोप के स्फीयर (SPHERE) नामक विशेष उपकरण का इस्तेमाल किया, जो चिली के अटाकामा रेगिस्तान में है। इससे पहले हवाई, अमेरिका की जेमिनी नॉर्थ टेलीस्कोप से मिले संभावित सीधे प्रमाण सहित कुछ शुरुआती निगरानी में इस साथी तारे के होने के संकेत मिले थे। लेकिन नई VLT तस्वीरें अब तक का सबसे मजबूत सबूत हैं। वैज्ञानिकों ने पहले अनुमान लगाया था कि इस साथी तारे का द्रव्यमान सूरज के द्रव्यमान के करीब होगा। लेकिन नई निगरानी बताती है कि यह उससे काफी बड़ा है, सूरज से करीब दो से तीन गुना ज्यादा द्रव्यमान वाला।
यह मामला अभी पूरी तरह सुलझा नहीं है। कक्षा के अनुमान के मुताबिक साथी तारा बेटलगेस के दूसरी तरफ दिखाई देगा, उस समय के आसपास करीब एक साल बाद फिर से देखना चाहते हैं, ताकि पूरी पुष्टि हो सके। कुछ साल पहले बेटलगेस की चमक उल्लेखनीय रूप से कम हो गई थी, जिससे दुनियाभर में इस पर ध्यान गया। कुछ समय के लिए यह अटकलें भी लगीं कि यह तारा अपने आने वाले सुपरनोवा विस्फोट के करीब पहुंच गया है। लेकिन मोंटार्जेस की टीम ने बाद में पाया कि असल वजह रोशनी को रोकने वाला एक धूल का बादल था। अब वैज्ञानिक यह पता लगाने की योजना बना रहे हैं कि बेटलगेस बी इस महादानव तारे के भविष्य के विकास को - उसके आने वाले सुपरनोवा विस्फोट सहित - प्रभावित कर सकता है या नहीं।
शब्दों की व्याख्या
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