बहुभाषियों का मस्तिष्क 13 साल छोटा दिख सकता है: नया अध्ययन
स्पेन के बास्क क्षेत्र में हुए एक अध्ययन में पाया गया कि चार भाषाएं बोलने वालों का मस्तिष्क सिर्फ एक भाषा बोलने वालों की तुलना में औसतन 13 साल छोटा दिखा, यह निष्कर्ष FENS फोरम 2026 में पेश किया गया।
चरण दर चरण
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728 लोगों पर 'ब्रेन एजिंग क्लॉक' तैयार
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मैग्नेटोएन्सेफलोग्राफी से मस्तिष्क गतिविधि मापी गई
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AI ने उम्र के अनुसार सामान्य मस्तिष्क संपर्क आंका
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144 और लोगों पर क्लॉक लागू
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बहुभाषियों का मस्तिष्क उम्र में छोटा दिखा
एक से अधिक भाषाएं बोलने वाले लोगों का मस्तिष्क उनकी असली उम्र से छोटा दिख सकता है, स्पेन के सैन सेबेस्टियन स्थित बास्क सेंटर ऑन कॉग्निशन, ब्रेन एंड लैंग्वेज (Basque Center on Cognition, Brain and Language) की डॉ. लूसिया अमोरुसो ने चिली, अर्जेंटीना और आयरलैंड के शोध संस्थानों के साथ मिलकर यूरोपियन न्यूरोसाइंस सोसाइटीज़ फेडरेशन (FENS) फोरम 2026 में पेश शोध में बताया।
शोध टीम ने स्पेन के बास्क क्षेत्र के उन लोगों पर ध्यान केंद्रित किया जो स्पेनिश, बास्क, फ्रेंच और अंग्रेज़ी के अलग-अलग संयोजनों में एक से चार भाषाएं बोलते थे। मस्तिष्क की उम्र मापने के लिए, शोधकर्ताओं ने पहले 728 लोगों का अध्ययन (magnetoencephalography) की मदद से एक 'ब्रेन एजिंग क्लॉक' तैयार किया—यह ऐसी विधि है जो सक्रिय मस्तिष्क कोशिकाओं से पैदा होने वाले हल्के चुंबकीय क्षेत्रों का पता लगाती है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) ने अलग-अलग उम्र के लोगों में मस्तिष्क गतिविधि के पैटर्न का विश्लेषण कर यह अनुमान लगाया कि हर उम्र में सामान्य मस्तिष्क संपर्क कैसा दिखता है। इसके बाद उन्होंने इस क्लॉक को 144 अन्य लोगों के समूह पर लागू कर हर व्यक्ति की मस्तिष्क उम्र का अनुमान लगाया।
दो भाषाएं बोलने वालों का मस्तिष्क सिर्फ एक भाषा बोलने वालों की तुलना में औसतन करीब छह साल छोटा दिखा। तीन भाषाएं बोलने वालों का मस्तिष्क करीब सात साल छोटा दिखा, और चार भाषाएं बोलने वालों में यह अंतर बढ़कर करीब 13 साल तक पहुंच गया। अमोरुसो ने बताया कि अधिक भाषा दक्षता और दूसरी भाषा जल्दी सीखना भी मस्तिष्क की उम्र बढ़ने को और टालने से जुड़ा था, जो दिखाता है कि बहुभाषी अनुभव एक क्रमिक पैमाने की तरह मायने रखता है, न कि केवल द्विभाषी होने या न होने जैसा सरल विभाजन।
शोधकर्ताओं ने उम्र, लिंग और शिक्षा के हिसाब से अपने विश्लेषण को समायोजित किया, लेकिन आगाह किया कि जीवनशैली और सामाजिक सक्रियता सहित मस्तिष्क स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले अन्य कारक भी इन अंतरों में योगदान दे सकते हैं।
इस अध्ययन को अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट्स ऑफ हेल्थ (NIH) और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑन एजिंग (NIA), फोगार्टी इंटरनेशनल सेंटर, तथा लैटिन अमेरिका में डिमेंशिया शोध बढ़ाने वाले बहु-भागीदार संघ (ReDLat) से वित्तपोषण मिला; इसके अलावा अल्जाइमर एसोसिएशन, ग्लोबल ब्रेन हेल्थ इंस्टीट्यूट, डावोस अल्जाइमर कोलैबोरेटिव, अल्जाइमर सोसाइटी यूके, फोंडेसाइट (FONDECYT) और स्पेनिश स्टेट रिसर्च एजेंसी की रेमन ई काहाल फेलोशिप से भी सहयोग मिला।
शब्दों की व्याख्या
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