क्षतिग्रस्त नाक के ऊतक को फिर उगाने वाली कोशिका चिकित्सा: रूस में प्रीक्लिनिकल ट्रायल पूरा
मरीज़ की अपनी वसा ऊतक की स्टेम कोशिकाओं से बना सेचेनोव्रिनो कोशिका उत्पाद, प्रीक्लिनिकल ट्रायल में पुनर्जनन को बढ़ावा देकर घाव के निशान कम करता पाया गया। 2027 की शुरुआत तक पहली सर्जरी करने की योजना डॉक्टरों ने बनाई है।
चरण दर चरण
- 1
मरीज़ से वसा ऊतक स्टेम कोशिकाएं ली गईं
- 2
कोशिकाओं से त्रि-आयामी स्फेरॉइड बने
- 3
स्फेरॉइड क्षतिग्रस्त ऊतक में पहुंचाए गए
- 4
कोशिकाएं पुनर्जनन बढ़ाकर निशान घटाती हैं
रूस के सेचेनोव विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने सेचेनोव्रिनो नामक एक कोशिका चिकित्सा उत्पाद के प्रीक्लिनिकल ट्रायल चरण को पूरा कर लिया है। यह नाक की परत, उपास्थि और हड्डी तक क्षतिग्रस्त ऊतक को फिर से बनाने के लिए डिज़ाइन किया गया है। प्रयोगों ने पुष्टि की कि यह चिकित्सा ऊतक पुनर्जनन को बढ़ावा देती है और अत्यधिक घाव के निशान बनने से रोकती है। डॉक्टर 2027 की शुरुआत तक इसका उपयोग कर पहली सर्जरी करने की योजना बना रहे हैं।
पारंपरिक सर्जिकल तकनीकें ज़्यादातर किसी खराबी को बंद कर सकती हैं या खोए हुए हिस्से को बदल सकती हैं। लेकिन वे अक्सर नाक की परत और आसपास के ऊतकों की बारीक संरचना को दोबारा नहीं बना पातीं। इससे लगातार घाव के निशान बनते हैं और समस्या दोबारा होने का खतरा ज़्यादा रहता है। सेचेनोव विश्वविद्यालय के कान, नाक और गला रोग विभाग के सहायक अलेक्ज़ेंडर मालत्सेव के मुताबिक, ऐसे मरीज़ों के लिए समस्या सिर्फ़ एक छेद या ऊतक की कमी नहीं है। उन्होंने बताया कि परत, केशिका नेटवर्क, उपास्थि और हड्डी के ढांचे सहित एक बेहद जटिल तंत्र को फिर से बनाना ज़रूरी है, जो सही वायु प्रवाह और वायु शुद्धिकरण के लिए ज़िम्मेदार है। इसीलिए प्रीक्लिनिकल नतीजे उनके लिए अहम हैं। उनके मुताबिक, उत्पाद के इस्तेमाल के बाद मुख्य आकारिकीय मापदंडों में ऊतक स्वस्थ ऊतक के बेहद करीब पाए गए।
यह तरीका स्फेरॉइड नामक त्रि-आयामी संरचनाओं पर आधारित है, जो मरीज़ की अपनी वसा ऊतक के एक छोटे टुकड़े से निकाली गई स्टेम कोशिकाओं से बनाई जाती हैं। इन्हें सीधे प्रभावित हिस्से में पहुंचाया जाता है। चोट वाली जगह पर पहुंचने के बाद, ये कोशिकाएं सक्रिय अणुओं का एक समूह छोड़ती हैं, जो सूजन को नियंत्रित करता है और शरीर के प्राकृतिक पुनर्जनन भंडार को सक्रिय करता है।
शब्दों की व्याख्या
अब तक की कहानी
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