अल्ट्राजेनिक्स की एंजेलमैन सिंड्रोम दवा अंतिम चरण के परीक्षण में विफल
अल्ट्राजेनिक्स ने बताया कि उसकी प्रयोगात्मक एंजेलमैन सिंड्रोम दवा GTX-102 ने बड़े तीसरे चरण के परीक्षण में नकली उपचार से ज़्यादा कोई फ़ायदा नहीं दिखाया, जिससे पहले के मज़बूत नतीजों से जगी उम्मीदें टूट गईं।
गंभीर बौद्धिक अक्षमता और विकास में देरी पैदा करने वाली दुर्लभ आनुवंशिक बीमारी एंजेलमैन सिंड्रोम के लिए अपनी प्रयोगात्मक दवा को लेकर अल्ट्राजेनिक्स कंपनी ने बुधवार को एक बयान जारी किया। बड़े स्तर के तीसरे चरण के नैदानिक परीक्षण में इस दवा ने नकली उपचार की तुलना में कोई फ़ायदा नहीं दिखाया, कंपनी ने बताया।
GTX-102 नाम की यह दवा पहले के छोटे परीक्षणों में मज़बूत नतीजे दिखा चुकी थी, जिससे इस बीमारी से प्रभावित परिवारों में उम्मीद जगी थी। अन्य तंत्रिका संबंधी और बौद्धिक अक्षमता की स्थितियों वाले मरीज़ों के पैरोकारों को भी उम्मीद थी कि यह ऐसी दवाओं की एक नई पीढ़ी की पहली दवा बन सकती है, जो समझने और संवाद करने की क्षमता को बेहतर बनाए।
इस परीक्षण की विफलता अल्ट्राजेनिक्स के कारोबार के लिए भी एक झटका है। कंपनी पहले से ही कई स्वीकृत दवाएं बेचती है, लेकिन वे ज़्यादातर बेहद दुर्लभ बीमारियों के लिए हैं। निवेशक कंपनी के मुनाफ़े की राह के तौर पर एंजेलमैन दवा पर भरोसा कर रहे थे।
शब्दों की व्याख्या
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- अल्ट्राजेनिक्स की एंजेलमैन सिंड्रोम दवा अंतिम चरण के परीक्षण में विफल
