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'गैर-चुंबकीय' पदार्थ की पतली परत में नया चुंबकत्व कैसे?

लंबे समय से गैर-चुंबकीय माना जाने वाला रूथेनियम डाइऑक्साइड, बहुत पतली और दबावयुक्त परत में बदलने पर ऑल्टरमैग्नेटिज़्म नाम की नई चुंबकीय अवस्था दिखाता है, ऐसा शोधकर्ताओं ने पाया है। यह कंप्यूटर मेमोरी के लिए उम्मीद जगाता है।

चरण दर चरण

  1. 1

    मोटा रूथेनियम डाइऑक्साइड गैर-चुंबकीय है

  2. 2

    पदार्थ को अति-पतली परत में उगाया गया

  3. 3

    फ़िल्म पर लैटिस स्ट्रेन डाला गया

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    इलेक्ट्रॉन स्पिन जुड़ते, चुंबकत्व दिखता है

  5. 5

    तेज़ स्पिनट्रॉनिक मेमोरी चिप संभव हो सकती है

ऑल्टरमैग्नेटिज़्म नाम की एक नई प्रस्तावित चुंबकीय अवस्था कंप्यूटर मेमोरी को छोटा, तेज़ और ज़्यादा कारगर बनाने में मदद कर सकती है। राइस यूनिवर्सिटी के भौतिक विज्ञानी मिंग यी के नेतृत्व में, मिनेसोटा विश्वविद्यालय के भरत जालान और पॉल शेरर इंस्टीट्यूट के मिलान राडोविच के साथ मिलकर शोधकर्ताओं ने एक खोज की घोषणा की है। सामान्य रूप से मोटे रूप में लंबे समय से गैर-चुंबकीय माना जाने वाला रूथेनियम डाइऑक्साइड, सिर्फ़ कुछ परमाणु परतों जितनी पतली फ़िल्म के रूप में बनाए जाने पर यह असामान्य चुंबकत्व दिखा सकता है, यह उन्होंने पाया।

यी ने कहा, 'रूथेनियम डाइऑक्साइड ऑल्टरमैग्नेटिक उम्मीदवार के रूप में सुझाए गए शुरुआती पदार्थों में से एक था। लेकिन इसके मोटे रूप पर हुए अध्ययनों में चुंबकत्व का कोई सबूत नहीं मिला'। उन्होंने आगे कहा, 'इसके उलट, हमारा शोध दिखाता है कि इसका बहुत पतला रूप ही इसे चुंबकीय बनाने की कुंजी हो सकता है।' साइंस एडवांसेज में छपे इस अध्ययन में टीम ने पदार्थ की 'स्पिन बनावट' की जांच की। यानी उसके इलेक्ट्रॉनों की चुंबकीय दिशाएं कैसे व्यवस्थित हैं, यह देखा गया। इसके लिए उन्होंने स्पिन-रिज़ॉल्व्ड एंगल-रिज़ॉल्व्ड फ़ोटोइमिशन स्पेक्ट्रोस्कोपी नाम की तकनीक का इस्तेमाल किया।

यह असामान्य स्पिन व्यवहार सिर्फ़ खास परिस्थितियों में ही दिखा। बहुत पतले रूथेनियम डाइऑक्साइड को अपनी परमाणु संरचना पर दबाव यानी 'लैटिस स्ट्रेन' में रहना पड़ा। यह दबाव न होने पर, जैसा प्राकृतिक मोटे रूप में होता है, इलेक्ट्रॉन स्पिन में ऑल्टरमैग्नेटिज़्म का कोई निशान नहीं दिखा। अध्ययन के प्रमुख लेखक और राइस के हाल के स्नातक यीचेन झांग ने कहा, 'दबाव पर निर्भर यह प्रकृति एक अहम संकेत है। इससे पता चलता है कि हम लैटिस स्ट्रेन को ऑल्टरमैग्नेटिज़्म चालू या नियंत्रित करने वाले उपकरण की तरह इस्तेमाल कर सकते हैं'। उन्होंने आगे कहा, 'यह अगली पीढ़ी के स्पिनट्रॉनिक्स और RAM ढांचों के लिए बेहद उपयोगी हो सकता है।'

मोटे रूथेनियम डाइऑक्साइड में चुंबकत्व है या नहीं, इस पर भौतिक विज्ञानी लंबे समय से बहस करते रहे। आख़िरकार उन्होंने माना कि यह गैर-चुंबकीय है। नई खोज दिखाती है कि पदार्थ की मोटाई बदलकर और उसे दबाव में रखकर अलग व्यवहार पैदा किया जा सकता है। इस शोध को अमेरिकी ऊर्जा विभाग, गॉर्डन एंड बेट्टी मूर फ़ाउंडेशन की EPiQS पहल, और रॉबर्ट ए. वेल्च फ़ाउंडेशन से वित्तीय सहायता मिली।

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