फ्रैकिंग भूकंपों में 92% को चेतावनी कंपन मिले, पर सभी को नहीं
पश्चिमी कनाडा के एक दशक के भूकंपीय आंकड़े दिखाते हैं कि फ्रैकिंग से आए भूकंपों में से 92 प्रतिशत से पहले छोटे चेतावनी कंपन आए। लेकिन वैज्ञानिक अब भी पूरी तरह नहीं समझते कि यह चेतावनी कब और क्यों नाकाम हो जाती है।
चरण दर चरण
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हरी बत्ती में तरल इंजेक्शन शुरू
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छोटे कंपन दिखें, बत्ती पीली होती है
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पीली बत्ती पर ऑपरेटर इंजेक्शन रोकते हैं
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8% मामलों में सीधे लाल बत्ती
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बिना चेतावनी बड़ा भूकंप आता है
फ्रैकिंग और अन्य तरल-इंजेक्शन गतिविधियां ज़मीन के नीचे की दरारों पर इतना दबाव डाल सकती हैं कि बड़ा भूकंप आ जाए। छोटे भूकंपीय कंपन इसका संकेत दे सकते हैं। यह बात 27 अगस्त को जर्नल साइंस में छपे एक अध्ययन में कही गई है। चीन की झेजियांग यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी के भूभौतिकीविद बेई वांग के नेतृत्व में शोधकर्ताओं ने अल्बर्टा के वेस्टर्न कनाडा सेडिमेंटरी बेसिन के एक दशक के भूकंपीय आंकड़ों का विश्लेषण किया। उन्होंने पाया कि फ्रैकिंग से आए भूकंपों में से 92 प्रतिशत से पहले छोटे चेतावनी कंपन आए थे।
टीम ने 2014 से 2024 के बीच पश्चिमी कनाडा में दर्ज लगभग 70,000 भूकंपों की जांच की। इनमें फ्रैकिंग से जुड़े कम से कम तीव्रता 3 के 77 मुख्य भूकंप पाए गए। किसी मुख्य भूकंप से 5 किलोमीटर के दायरे में और पांच दिन पहले आने वाले छोटे कंपन यानी चेतावनी कंपन, इन 77 में से 71 घटनाओं से पहले दिखे। लेकिन यह पैटर्न एक जैसा नहीं था। कुछ मुख्य भूकंपों से पहले सिर्फ़ एक ही चेतावनी कंपन आया। दूसरों से पहले 700 तक छोटे कंपन आए।
नियामक आमतौर पर 'ट्रैफ़िक-लाइट प्रणाली' का इस्तेमाल करते हैं। हरी बत्ती में इंजेक्शन जारी रहता है। बढ़ती भूकंपीय गतिविधि पीली बत्ती को चालू कर देती है। इससे नुकसानदायक भूकंप यानी लाल बत्ती की स्थिति आने से पहले काम रोक दिया जाता है। ऑपरेटर पीली चेतावनी को पहचानने का मुख्य तरीका चेतावनी कंपन ही हैं। ईटीएच ज़्यूरिख़ के भूकंप वैज्ञानिक रायन शुल्ज़, जो इस अध्ययन से जुड़े नहीं थे, ने कहा, 'आठ प्रतिशत मामलों में कोई चेतावनी नहीं मिलती; आप सीधे पीली बत्ती को पार कर जाते हैं'। इंसानी गतिविधि से आने वाले ज़्यादातर भूकंप छोटे होते हैं। लेकिन कुछ नुकसानदायक भी रहे हैं, जैसे 2022 में कनाडा के पीस रिवर के पास तेल निकालने के दौरान कचरा पानी डालने से आया तीव्रता 5.6 का भूकंप।
शोधकर्ताओं ने तीन संभावित तरीके बताए हैं जिनसे डाला गया तरल मुख्य भूकंप से पहले चेतावनी कंपन पैदा कर सकता है। पहला, मुख्य दरार को धीरे-धीरे कमज़ोर कर उसे धीमे खिसकाना। दूसरा, दबाव बढ़ाते रहना जब तक दरार अचानक टूट न जाए। तीसरा, कई दरारों में लगातार खिसकाव पैदा करने वाला डोमिनो असर। शुल्ज़ ने कहा कि ये विचार 1990 के दशक से चर्चा में हैं, लेकिन अब भी पुख्ता तौर पर साबित नहीं हुए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ट्रैफ़िक-लाइट प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए कंपनियों के जुटाए भूकंपीय और इंजेक्शन आंकड़ों तक खुली पहुंच ज़रूरी है। यह पहुंच देश-दर-देश और अमेरिका में राज्य-दर-राज्य अलग-अलग है।
शब्दों की व्याख्या
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