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हाईवे रफ़्तार पर भी मीथेन रिसाव पकड़ सकता है गाड़ी में लगा सेंसर

शोधकर्ताओं ने एक वाहन-आधारित स्पेक्ट्रोस्कोपी प्रणाली बनाई है जो 100 किमी/घंटा तक की गति पर चलते हुए भी मीथेन रिसाव का वास्तविक समय में पता लगा सकती है। इसका मकसद बड़े इलाकों में छिपे ग्रीनहाउस-गैस रिसाव को ढूंढना आसान बनाना है।

चरण दर चरण

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    वाहन गैस स्रोत के पास से गुज़रता है

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    ड्यूल-कॉम्ब स्पेक्ट्रोस्कोपी आसपास की हवा जांचती है

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    प्रणाली मीथेन सघनता में उछाल पकड़ती है

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    GPS रिसाव की जगह दर्ज करता है

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    मरम्मत के लिए रखरखाव टीम को सूचित

प्राकृतिक गैस बुनियादी ढांचे, पशुपालन फ़ार्मों, लैंडफ़िल और कोयला खदानों से निकलने वाली मीथेन एक शक्तिशाली ग्रीनहाउस गैस है, जो अक्सर आंखों से नहीं दिखती। भूमिगत पाइपलाइनों से रिसने पर यह आग और विस्फोट का ख़तरा भी पैदा कर सकती है। ईस्ट चाइना नॉर्मल यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने जर्नल ऑप्टिक्स एक्सप्रेस में बताई गई एक वाहन-आधारित स्पेक्ट्रोस्कोपी प्रणाली बनाई है। यह गाड़ी चलाते समय भी भरोसेमंद तरीके से मीथेन का पता लगा सकती है, जिससे बड़े इलाकों में छिपे उत्सर्जन को ढूंढना आसान हो जाता है।

टीम के प्रमुख वेनशू ली ने कहा, 'ड्यूल-कॉम्ब स्पेक्ट्रोस्कोपी एक साथ कई गैसों को उच्च सटीकता से मापने में खास तौर पर सक्षम है, लेकिन यह पर्यावरणीय शोर के प्रति संवेदनशील है, जो इसके प्रदर्शन को कमज़ोर कर सकता है। हमारे काम ने इस बड़ी चुनौती का समाधान निकाला है'। उन्होंने आगे कहा, 'हमारी स्पेक्ट्रोस्कोपी प्रणाली से लैस SUV दिन-रात रिहायशी सड़कों पर घूम सकती हैं। अगर किसी भूमिगत गैस पाइपलाइन में मीथेन रिसाव हो, तो यह प्रणाली गैस की सघनता पकड़कर, GPS निर्देशांक दर्ज कर, रखरखाव टीमों को सूचित कर सकती है'। यह प्रणाली मिड-इन्फ्रारेड ड्यूल-कॉम्ब स्पेक्ट्रोस्कोपी पर आधारित है। यह कई समान दूरी वाली तरंगदैर्घ्य पैदा करने वाले दो सटीक रूप से मिलान किए गए 'फ़्रीक्वेंसी कॉम्ब' प्रकाश स्रोतों का इस्तेमाल कर गैसों का पता लगाती है। मिड-इन्फ्रारेड रेंज इसलिए उपयोगी है क्योंकि कई अणुओं के इसमें अलग, स्पष्ट अवशोषण संकेत होते हैं।

ड्यूल-कॉम्ब स्पेक्ट्रोस्कोपी को प्रयोगशाला से बाहर लाना मुश्किल है, क्योंकि ऐसी प्रणालियां आमतौर पर सटीक रूप से संरेखित ऑप्टिक्स पर निर्भर होती हैं, जो उनकी स्वतंत्र रूप से घूमने की क्षमता को सीमित करती हैं। इसे हल करने के लिए टीम ने कंपन-रोधी फ़ाइबर लेज़र का इस्तेमाल कर फ़्रीक्वेंसी कॉम्ब बनाए। उन्होंने एक ऐसी विधि भी विकसित की जिससे दोनों प्रकाश स्रोत खुद-ब-खुद तालमेल में रहते हैं, जिससे उन्हें सक्रिय रूप से जोड़े रखने के लिए जटिल हार्डवेयर की ज़रूरत नहीं पड़ती। रोशनी एक कॉम्पैक्ट, खुले रास्ते वाले गैस सेल से होकर गुज़रती है, जो आसपास की हवा में 25 मीटर का प्रभावी रास्ता देता है, जिससे बड़े उपकरण के बिना भी संवेदनशीलता बढ़ जाती है।

सड़क परीक्षणों में, शहरी सड़कों और एक्सप्रेसवे पर 100 किमी/घंटा तक की गति पर चलाई गई 47 किलोमीटर की यात्रा सहित, प्रणाली ने मीथेन को 66 पीपीबी (प्रति अरब भाग) की सटीकता से मापा। यह सामान्य प्रयोगशाला-आधारित प्रणालियों की सटीकता के बराबर था। नियंत्रित रिसाव परीक्षणों में, शोधकर्ता दो नकली रिसावों के पास से गुज़रे। एक के चारों ओर गाड़ी घुमाकर उन्होंने उसके गैस बादल का नक्शा बनाया। यह सघनता नक्शा स्थानीय हवा के पैटर्न से क़रीबी मेल खाता था।

शब्दों की व्याख्या

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