क्या यीस्ट सप्लीमेंट कैंसर-रोधी प्रतिरक्षा को मजबूत करता है? नया अध्ययन
मोटे प्रयोगशाला चूहों को दिए गए यीस्ट आधारित आहार सप्लीमेंट ने कैंसर से लड़ने वाली प्रतिरक्षा कोशिकाओं को मजबूत किया, ट्रिनिटी कॉलेज डबलिन और यूनिवर्सिटी कॉलेज डबलिन (UCD) के शोधकर्ताओं ने पाया।
चरण दर चरण
- 1
चूहों को यीस्ट बीटा-ग्लूकन आहार
- 2
बोन मैरो की प्रतिरक्षा कोशिकाएं फिर से प्रोग्राम
- 3
कैंसर कोशिकाओं से प्रतिरक्षा परीक्षण
- 4
मजबूत कैंसर-रोधी प्रतिक्रिया मिली
मोटे प्रयोगशाला चूहों को दिए गए यीस्ट आधारित आहार सप्लीमेंट ने कैंसर से लड़ने वाली प्रतिरक्षा कोशिकाओं को मजबूत किया, ट्रिनिटी कॉलेज डबलिन और यूनिवर्सिटी कॉलेज डबलिन (UCD) के शोधकर्ताओं ने पाया है। इसके निष्कर्ष सेल रिपोर्ट्स (Cell Reports) पत्रिका में प्रकाशित हुए हैं।
ट्रिनिटी की बायोकेमिस्ट्री एंड इम्यूनोलॉजी स्कूल में एसोसिएट प्रोफेसर फ्रेडरिक शीडी और UCD स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ, फिजियोथेरेपी एंड स्पोर्ट्स साइंस में न्यूट्रिजीनोमिक्स की प्रोफेसर और UCD कॉनवे इंस्टीट्यूट की निदेशक हेलेन रोश के नेतृत्व में हुए इस अध्ययन में, चूहों को 4 से 12 हफ्तों तक सामान्य या उच्च वसा वाले आहार के साथ यीस्ट बीटा-ग्लूकन (yeast beta-glucan) दिया गया। इसके बाद उनके प्रतिरक्षा तंत्र को कोलोरेक्टल, त्वचा और स्तन कैंसर कोशिकाओं से परखा गया।
शोधकर्ताओं ने पाया कि यीस्ट बीटा-ग्लूकन ने बोन मैरो में प्रतिरक्षा कोशिकाओं के विकसित होने के तरीके को बदल दिया, जिससे मजबूत और लंबे समय तक टिकने वाली कैंसर-रोधी प्रतिक्रियाएं पैदा हुईं—इस प्रक्रिया को 'प्रशिक्षित प्रतिरक्षा' (trained immunity) कहा जाता है। रोश ने बताया कि यह पहला प्रमाण है कि सिर्फ आहार के जरिए यीस्ट बीटा-ग्लूकन देना, बोन मैरो स्टेम कोशिकाओं को दोबारा प्रोग्राम कर प्रशिक्षित प्रतिरक्षा पैदा करने के लिए पर्याप्त है; पहले के अध्ययनों में यही असर केवल इंजेक्शन से मिलता था।
मोटापा प्रतिरक्षा कार्यक्षमता को बिगाड़ सकता है, जिससे शरीर के लिए ट्यूमर पर प्रतिक्रिया देना मुश्किल हो जाता है, और वजन घटने के बाद भी ये असर बने रह सकते हैं। चूहों पर हुए इन प्रयोगों में, सप्लीमेंट ने मोटे चूहों में कैंसर-रोधी प्रतिरक्षा गतिविधि को फिर से बहाल किया और वजन घटने के बाद भी बनी रहने वाली प्रतिरक्षा-स्मृति संबंधी समस्याओं को उलट दिया।
इस अध्ययन में इस्तेमाल किया गया यीस्ट बीटा-ग्लूकन, केरी ग्रुप (Kerry Group) के वेलम्यून (Wellmune) नाम से पहले से ही फूड-ग्रेड आहार सप्लीमेंट के रूप में बिकता है, जिसके चलते शोधकर्ताओं के अनुसार इंसानों पर अपेक्षाकृत तेज़ी से क्लिनिकल परीक्षण संभव हो सकते हैं।
शब्दों की व्याख्या
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