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115 मिलियन वर्ष पुराना डायनासोर जीवाश्म: चीन में गहरी ड्रिल कोर से मिला

इनर मंगोलिया में तांबे की खोज के दौरान 473 मीटर गहरी ड्रिल कोर से अनजाने में मिला एक डायनासोर जीवाश्म, बायान गोबी फॉर्मेशन के पश्चिमी हिस्से से मिला पहला डायनासोर रिकॉर्ड है। इससे इस शुरुआती क्रिटेशियस चट्टान परत में जीवाश्मों का ज्ञात दायरा बढ़ गया है।

इनर मंगोलिया में तांबे के खनिज सर्वेक्षण के दौरान चीनी भूवैज्ञानिकों को एक 115 मिलियन वर्ष पुराना डायनासोर जीवाश्म अनजाने में मिला। यह यिनगेन-एजिनाकी बेसिन में गुआइज़िहू के पास 473 मीटर (1,500 फ़ीट) गहरी ड्रिल कोर से निकला। 208GPV01 नाम से दर्ज इस जीवाश्म को पश्चिमी इनर मंगोलिया के शुरुआती क्रिटेशियस चट्टान समूह, बायान गोबी फॉर्मेशन के दूरदराज़ पश्चिमी हिस्से से मिला पहला डायनासोर रिकॉर्ड माना गया है। इससे इस चट्टान समूह में जीवाश्मों का ज्ञात भौगोलिक दायरा बढ़ गया है। चाइना यूनिवर्सिटी ऑफ़ जियोसाइंसेज़ के डॉ. लिडा शिंग और उनके साथियों ने ये नतीजे 5 सितंबर 2026 को अर्थ हिस्ट्री एंड बायोडायवर्सिटी पत्रिका में प्रकाशित किए।

इस नमूने में मुख्य रूप से पूंछ के पास की रीढ़ की हड्डियां और जुड़े हिस्से शामिल हैं। इनमें एक त्रिक पसली, चार पुच्छीय कशेरुका केंद्र, छह पुच्छीय तंत्रिका मेहराब, कई अनुप्रस्थ प्रवर्ध और अस्थिकृत टेंडन शामिल हैं। शोधकर्ताओं ने इसे ऑर्निथिशिया समूह का बताया, जो पौधे खाने वाले, पक्षी जैसी कूल्हे की हड्डी वाले डायनासोर होते हैं। हड्डियों के आकार और अनुपात की तुलना करने वाली जियोमेट्रिक मॉर्फोमेट्रिक्स नामक विधि से उन्होंने इस जीवाश्म के अनुपात की तुलना कई अन्य ऑर्निथिशियन प्रजातियों से की।

विश्लेषण से पता चला कि इस नमूने की कशेरुका अनुपात, क्रिटेशियस काल में पूर्वी एशिया में आम रहे शुरुआती सींग वाले डायनासोर सिटाकोसॉरस से सबसे ज़्यादा मिलती है। मिली सामग्री सीमित थी, इसलिए शोधकर्ताओं ने इसे किसी खास वंश या प्रजाति का नाम नहीं दिया। फ़िलहाल इसे केवल एक अनिश्चित ऑर्निथिशियन के रूप में वर्गीकृत किया गया है।

बायान गोबी फॉर्मेशन से पहले भी हैड्रोसॉरॉइड पेनेलोपोग्नैथस वेइशैम्पेली, सेराटॉप्सियन सिटाकोसॉरस सिबिरिकस और अल्वारेज़सॉरॉइड बैनिकस वुलाटेंसिस जैसे डायनासोर मिल चुके हैं। लेकिन ये लगभग सभी यिनगेन-एजिनाकी बेसिन के पूर्वी हिस्से से मिले थे। शोधकर्ताओं ने बताया कि इस फॉर्मेशन के जीव-जंतु, लगभग समकालीन पश्चिमी लियाओनिंग जीवाश्म परतों से मिलते-जुलते हैं। इससे लगता है कि दोनों जेहोल बायोटा के प्रसार क्षेत्र का हिस्सा हो सकते हैं, हालांकि कुछ अंतर भी मौजूद हैं।

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