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कैल्टेक वैज्ञानिकों ने रोशनी से ही रोशनी की दिशा मोड़ी

कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (कैल्टेक) के वैज्ञानिकों ने बिना किसी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण के, सिर्फ एक दूसरी प्रकाश किरण का इस्तेमाल कर एक प्रकाश किरण की दिशा महज 74 फेम्टोसेकंड में बदल दी।

चरण दर चरण

  1. 1

    पदार्थ के अनुसार तैयार तेज़ 'पंप' किरण

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    पंप किरण अपवर्तनांक को बदलती है

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    कमज़ोर 'प्रोब' किरण पदार्थ से गुज़रती है

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    प्रोब किरण 13 डिग्री तक मुड़ती है

कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (कैल्टेक) के शोधकर्ताओं ने एक ऐसी तकनीक विकसित की है जिसमें सिर्फ एक दूसरी प्रकाश किरण का इस्तेमाल कर किसी प्रकाश किरण की दिशा लगभग तुरंत बदली जा सकती है। नेचर नैनोटेक्नोलॉजी जर्नल में प्रकाशित अध्ययन के अनुसार, टीम ने किरण की दिशा महज 74 फेम्टोसेकंड — यानी सेकंड के 74 क्वाड्रिलियनवें हिस्से — में बदल दी।

पहले की तकनीकों में ऑप्टिकल चिप या लिक्विड क्रिस्टल पैनल के इलेक्ट्रॉनिक गुणों को बदलकर, इलेक्ट्रॉन को उत्तेजित करके रोशनी का रास्ता मोड़ा जाता था। ये तरीके ज़्यादा से ज़्यादा नैनोसेकंड या पिकोसेकंड की रफ्तार तक ही पहुंच पाते थे — यानी नई तकनीक से हज़ारों गुना धीमे।

कैल्टेक के पूर्व पोस्टडॉक्टरल शोधकर्ता और अब यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, बर्कले में असिस्टेंट प्रोफेसर क्लॉडियो हॉल, और कैल्टेक के प्रोफेसर हैरी एटवाटर के नेतृत्व में टीम ने इसके बजाय (Kerr effect) का इस्तेमाल किया, जिसमें तेज़ रोशनी की किरण किसी (refractive index) — यानी उससे गुजरने वाली रोशनी कितना मुड़ेगी, यह तय करने वाला गुण — को कुछ पल के लिए बदल देती है। पदार्थ के अनुसार तैयार की गई तेज़ 'पंप' किरण भेजने के बाद, जब कमज़ोर 'प्रोब' किरण उसमें से गुज़ारी गई, तो वह 13 डिग्री तक मुड़ गई। एटवाटर ने कहा, "रोशनी से रोशनी को मोड़ना बहुत चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि रोशनी आमतौर पर पदार्थ के साथ बहुत कमज़ोर तरीके से प्रतिक्रिया करती है।"

इस असर को मज़बूत करने के लिए, टीम ने पंप किरण की तरंगदैर्घ्य से भी छोटी दूरी पर रखे नैनो आकार के खंभों वाली एक परत पर अनाकार सिलिकॉन की परत चढ़ाई, जिसने गुज़रती रोशनी को धीमा कर उसे फिर से घुमाया। शोधकर्ताओं का कहना है कि इस नैनो-संरचना को और बेहतर बनाकर बदलाव की रफ्तार को और तेज़ किया जा सकता है।

शब्दों की व्याख्या

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