14 साल बाद मंगल पर क्यूरियोसिटी को मिले रहस्यमय नए गड्ढे
नासा के क्यूरियोसिटी रोवर को मंगल पर 14 साल हो गए हैं, फिर भी उसे अपने मौजूदा कार्यस्थल की चट्टान पर पहले कभी न देखे गए चौड़े, उथले गड्ढे मिले हैं। सामान्य गड्ढों में दिखने वाला कोई बचा हुआ टुकड़ा इनमें नहीं मिला, जिससे यह टीम के लिए एक पहेली बन गया है।
नासा के क्यूरियोसिटी रोवर को मंगल ग्रह की सतह पर काम करते हुए 14 साल हो चुके हैं, और इतने समय बाद भी मंगल नई हैरानी दिखा रहा है। मिशन की 21 अगस्त, 2026 की योजना वाले सप्ताह के दौरान, टीम ने रोवर के मौजूदा दोनों कार्यस्थलों की आधार-चट्टान () पर चौड़े, उथले गड्ढे बिखरे हुए पाए। आधार-चट्टान यानी सतह की ढीली मिट्टी और धूल के नीचे मौजूद ठोस चट्टान। टीम ने कहा कि उन्होंने ऐसी बनावट पहले कभी नहीं देखी थी।
मंगल पर गड्ढे मिलना कोई असामान्य बात नहीं है। आमतौर पर ये तब बनते हैं जब चट्टान के भीतर धंसा कोई सख्त गुठलीनुमा टुकड़ा या कंकड़ धीरे-धीरे घिस जाता है और वहां खाली जगह रह जाती है। लेकिन इस सप्ताह मिले गड्ढे पहले देखे गए गड्ढों से कहीं ज़्यादा चौड़े और उथले थे, और किसी में भी कोई ऐसा बचा हुआ टुकड़ा नहीं दिखा जो यह बता सके कि ये गड्ढे कैसे बने।
क्यूरियोसिटी के माह्ली (MAHLI) और मास्टकैम (Mastcam) उपकरणों ने इन गड्ढों का बारीकी से अध्ययन किया। इन्होंने स्टीरियो तस्वीरों के समूह और एक-दूसरे पर कसकर ओवरलैप होने वाली तस्वीरें लीं, जिनसे ज़मीन की बनावट का विस्तृत नक्शा यानी डिजिटल एलिवेशन मॉडल तैयार किया जा सकता है। टीम ने इन गड्ढों को माउंट शार्प की परतदार भूवैज्ञानिक संरचना () के इस हिस्से को प्रभावित करने वाली प्रक्रियाओं से जुड़ी एक नई और दिलचस्प पहेली बताया।
कार्यस्थल के दूसरे हिस्सों में रोवर ने सामान्य आधार-चट्टान का भी अध्ययन किया, जिसमें जटिल परतें थीं। इनकी बनावट और संरचना बहुत कम ऊँचाई के अंतर में ही बदल जाती थी, जो चट्टान बनने की परिस्थितियों में हुए बदलाव को दिखा सकता है। केमकैम (ChemCam), माह्ली और एपीएक्सएस (APXS) जैसे उपकरणों ने आसपास की आधार-चट्टान से अलग दिखने वाली धूसर, खुरदरी, सख्त परतों का भी अध्ययन किया, जो संभवतः अलग रासायनिक बनावट की ओर इशारा करती हैं। इसके अलावा केमकैम ने एक ढीले धूसर पत्थर के टुकड़े का अध्ययन किया, ताकि यह समझा जा सके कि ऐसे पत्थर कहां से आते हैं।
क्यूरियोसिटी की पर्यावरण विज्ञान टीम ने भी उस सप्ताह मौसम और वायुमंडल से जुड़े अवलोकनों की संख्या बढ़ा दी, ताकि क्षेत्रीय धूल भरी आंधी की निगरानी की जा सके। सप्ताह के अंत तक यह आंधी कमजोर पड़ती दिखी, और उस सप्ताह संचार डाउनलिंक (downlink) न मिलने के कारण टीम ने अपने एक योजना-दिवस को भी गंवा दिया।
शब्दों की व्याख्या
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