डार्क एनर्जी और क्वांटम ग्रैविटी गहराई से जुड़े हो सकते हैं, नए अध्ययन का प्रस्ताव
ब्राउन यूनिवर्सिटी के भौतिक विज्ञानी सव्वास कोशियाप्पास के एक नए अध्ययन का प्रस्ताव है कि ब्रह्मांड के तेज़ होते विस्तार को चलाने वाली शक्ति यानी डार्क एनर्जी कोई अलग चीज़ नहीं, बल्कि क्वांटम ग्रैविटी का एक स्वाभाविक असर हो सकती है।
करीब एक सदी से भौतिक विज्ञानी ग्रैविटी और क्वांटम मैकेनिक्स को क्वांटम ग्रैविटी के एक ही सिद्धांत में जोड़ने की कोशिश करते आ रहे हैं, पर कामयाबी नहीं मिली। उतनी ही पहेली डार्क एनर्जी भी रही है, जिसे ब्रह्मांड के तेज़ होते विस्तार के पीछे की शक्ति माना जाता है। Physical Review D में प्रकाशित एक नए अध्ययन में ब्राउन यूनिवर्सिटी के भौतिक विज्ञानी सव्वास कोशियाप्पास का प्रस्ताव है कि ये दोनों पुरानी पहेलियाँ शायद अलग-अलग हैं ही नहीं — डार्क एनर्जी दरअसल क्वांटम ग्रैविटी का एक स्वाभाविक असर हो सकती है, जो अंतरिक्ष की ज्यामिति पर काम करती है।
क्वांटम मैकेनिक्स और ग्रैविटी ब्रह्मांड को बहुत अलग-अलग पैमानों पर चलाते हैं — पहला उप-परमाणविक दुनिया को आकार देता है, तो दूसरा आकाशगंगाओं के समूह जितनी बड़ी संरचनाओं को — और दोनों की अपने-अपने दायरे में बेहद सटीकता से जाँच हो चुकी है। लेकिन जहाँ दोनों एक साथ लागू होने चाहिए, जैसे किसी ब्लैक होल के भीतर, वैसी चरम स्थितियाँ किसी भी प्रयोग की पहुँच से अभी बहुत दूर हैं। कोशियाप्पास का तर्क है कि ब्रह्मांड के आकार और उसके विस्तार की दर, दोनों को एक ही समय पर पूरी सटीकता से नहीं मापा जा सकता — यह एक सीमा है जो क्वांटम अनिश्चितता में ही बनी हुई है। उनका सुझाव है कि जब इसे पूरे ब्रह्मांड पर लागू किया जाता है, तो यह अनिश्चितता उन समीकरणों को हल्के-से बदल देती है जो बताते हैं कि समय के साथ ब्रह्मांड का विस्तार कैसा होना चाहिए — और नतीजा ठीक वैसा ही तेज़ होता विस्तार है, जिसे अभी डार्क एनर्जी का असर माना जाता है।
गणितीय ब्यौरों के हिसाब से कोशियाप्पास का प्रस्ताव उस सिंगुलैरिटी की जगह भी ले सकता है, जिसे ब्रह्मांड विज्ञानी बिग बैंग का क्षण मानते हैं। इसकी बजाय यह सुझाव देता है कि बिग बैंग दरअसल पहले सिकुड़ते आ रहे ब्रह्मांड की एक कोमल पुनरुत्थान जैसी घटना के बाद हुआ। अगर यह विचार टिकता है, तो डार्क एनर्जी को किसी छिपे कण या किसी विचित्र क्षेत्र से समझाने की ज़रूरत नहीं होगी, बल्कि यह खुद अंतरिक्ष का ही एक गुण होगी।
कोशियाप्पास मानते हैं कि कई सवाल अभी खुले हैं, और DESI, Euclid तथा Vera C. Rubin Observatory परियोजनाओं के आने वाले सर्वेक्षण इस बात की और सटीक जाँच कर सकते हैं कि क्या यह क्वांटम छाप वाकई ब्रह्मांड के विस्तार में दर्ज है।
शब्दों की व्याख्या
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