दुर्लभ ऑटोइम्यून बीमारी डर्मेटोमायोसाइटिस के लिए नई गोली को अमेरिकी मंजूरी
अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने रॉयवैंट साइंसेज़ और उसकी सहायक कंपनी प्रायोवैंट थेरेप्यूटिक्स की दवा ब्रेपोसिटिनिब को मंजूरी दी। लिस्राया नाम से बिकने वाली यह रोज़ाना ली जाने वाली गोली मांसपेशियों की कमजोरी और दर्दनाक त्वचा के चकत्ते पैदा करने वाली दुर्लभ…
अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने बीते गुरुवार एक नई दवा को मंजूरी दी। यह दवा जैव प्रौद्योगिकी कंपनी रॉयवैंट साइंसेज़ और उसकी सहायक कंपनी प्रायोवैंट थेरेप्यूटिक्स ने मिलकर बनाई है। दवा का नाम ब्रेपोसिटिनिब है और यह डर्मेटोमायोसाइटिस नामक दुर्लभ ऑटोइम्यून बीमारी के इलाज के लिए है। लिस्राया ब्रांड नाम से बिकने वाली यह दवा दिन में एक बार ली जाने वाली गोली है।
डर्मेटोमायोसाइटिस से मांसपेशियों में कमजोरी और दर्दनाक त्वचा पर चकत्ते हो जाते हैं। अब तक इस बीमारी के इलाज के लिए ज़्यादा मात्रा में स्टेरॉयड और प्रतिरक्षा को दबाने वाली अन्य दवाएं ही मुख्य विकल्प रही हैं। इस नई मंजूरी से मरीजों को अब एक और इलाज विकल्प मिल गया है।
रॉयवैंट के अनुसार, अमेरिका में 40,000 से 70,000 लोग डर्मेटोमायोसाइटिस से प्रभावित हैं।
शब्दों की व्याख्या
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