ऑटिज़्म के अलग-अलग रूपों में मिला एक छिपा हुआ साझा जैविक सूत्र
आनुवंशिक रूप से भारी विविधता के बावजूद, शोधकर्ताओं को ऑटिज़्म से जुड़े कई उच्च-जोखिम आनुवंशिक बदलाव, विकसित हो रही मस्तिष्क कोशिकाओं में कम से कम कुछ समय के लिए एक जैसे बदलाव लाते मिले हैं।
आनुवंशिक रूप से भारी विविधता होने के बावजूद, ऑटिज़्म के अलग-अलग आनुवंशिक रूपों में कुछ साझा जैविक बदलाव पाए गए हैं — ऑस्ट्रिया के इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (ISTA) में गाया नोवारिनो के नेतृत्व में हुए शोध में यह सामने आया है। नेचर पत्रिका में प्रकाशित यह निष्कर्ष ऑटिज़्म स्पेक्ट्रम डिसऑर्डर (ASD) को संचालित करने वाली आणविक और कोशिकीय प्रक्रियाओं को समझने की दिशा में एक कदम है। ASD एक न्यूरोडेवलपमेंटल यानी तंत्रिका-विकास संबंधी स्थिति है, जिसके बदलाव मस्तिष्क के शुरुआती विकास के दौरान ही शुरू हो जाते हैं और लक्षण अक्सर बचपन में जल्दी दिखते हैं।
सैकड़ों जीन ऑटिज़्म से जुड़े पाए गए हैं, लेकिन यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं था कि ये अलग-अलग आनुवंशिक कारण मस्तिष्क में एक जैसे बदलाव लाते हैं या नहीं। ISTA की पूर्व छात्रा लीना श्वार्ज़ ने अपनी पीएचडी शोध के तहत नोवारिनो समूह, वियना मेडिकल यूनिवर्सिटी, वियना यूनिवर्सिटी और CeMM के शोधकर्ताओं के साथ मिलकर इसी सवाल की पड़ताल की।
टीम ने 'सिंगल-न्यूक्लियस मल्टी-ओमिक्स सीक्वेंसिंग' नाम की तकनीक का इस्तेमाल किया, जो मस्तिष्क की एक-एक कोशिका के केंद्रक के भीतर डीएनए, आरएनए गतिविधि और एपिजीनोम — यानी जीन को चालू या बंद करने वाले रासायनिक निशान — की जाँच करती है। श्वार्ज़ ने उच्च-जोखिम वाले ऑटिज़्म जीन का प्रतिनिधित्व करने वाले 250 से ज़्यादा नमूनों का विश्लेषण किया, जो नर और मादा चूहों के दो मस्तिष्क क्षेत्रों से, विकास की अलग-अलग अवस्थाओं में लिए गए थे।
हर आनुवंशिक मॉडल अलग जीन को प्रभावित करता था, फिर भी कई मॉडलों ने एक जैसी मस्तिष्क कोशिकाओं और आणविक रास्तों को बाधित किया — खासकर मस्तिष्क के शुरुआती विकास के दौरान। साथ ही हर मॉडल का अपना अलग आणविक हस्ताक्षर भी बना रहा। साझा अंतर ज़्यादातर स्थायी नुकसान नहीं, बल्कि कोशिका परिपक्वता और तंत्रिका जुड़ाव बनने में अस्थायी देरी के रूप में सामने आए, और इनमें से कई बदलाव जन्म के करीब दो हफ़्तों के भीतर ख़त्म हो गए। शोधकर्ताओं ने यह भी पाया कि मादा चूहों ने ऑटिज़्म से जुड़े इन बदलावों पर नर चूहों से अलग प्रतिक्रिया दी।
ASD के पीछे मौजूद आनुवंशिक कारणों की विविधता को देखते हुए, एक ही इलाज सभी के लिए कारगर होने की संभावना कम है, शोधकर्ताओं ने कहा। लेकिन अध्ययन में मिले साझा, समय-विशिष्ट विकास-पथ भविष्य में विकास-अवस्था के अनुसार बने उपचारों की दिशा दिखा सकते हैं।
शब्दों की व्याख्या
अब तक की कहानी
- 30 साल के अध्ययन में ‘सुपर-एथलीट’ चूहों को कोई जैविक नुकसान नहीं
- ओज़ेम्पिक, वेगोवी जैसी दवाओं से कुछ पुरुषों में बालों के झड़ने का खतरा बढ़ सकता है
- चूहों के दिमाग में मिले दुर्लभ न्यूरॉन्स नींद को कैसे बढ़ावा देते हैं?
- जापान की दुर्लभ त्सुशिमा लेपर्ड बिल्लियों में दिखा रहस्यमय छोटी पूंछ का गुण
- वैज्ञानिकों को जीनोम की तह में मिली अल्ज़ाइमर की एक छिपी परत
- जीन में बदलाव से कुछ मरीजों में हंटिंग्टन रोग जल्दी और गंभीर रूप से बढ़ता है
- ऑटिज़्म के अलग-अलग रूपों में मिला एक छिपा हुआ साझा जैविक सूत्र
