बचाव अभियान नाकाम, स्विफ्ट टेलीस्कोप की पृथ्वी पर अनियंत्रित वापसी तय
नासा के स्विफ्ट स्पेस टेलीस्कोप को ऊंची कक्षा में पहुंचाने गया निजी अंतरिक्ष यान खराब होकर बेकार हो गया, जिससे यह दशकों पुराना टेलीस्कोप अब अक्टूबर से पृथ्वी के वायुमंडल में अनियंत्रित रूप से वापस गिर सकता है।
चरण दर चरण
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2004 में स्विफ्ट लॉन्च
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खिंचाव, सौर गतिविधि से कक्षा नीचे
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नासा ने लिंक बनाने कैटलिस्ट को चुना
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लिंक खराब, बचाव अभियान रद्द
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नवंबर-दिसंबर में अनियंत्रित वापसी
नासा के नील गेहरल्स स्विफ्ट ऑब्जर्वेटरी को नवंबर 2004 में लॉन्च किया गया था। यह पिछले दो दशकों से ज़्यादा समय से आकाशगंगा के बाहर से आने वाली गामा-किरण विस्फोट की छोटी लेकिन तेज़ घटनाओं का अध्ययन कर रहा है। इसके लिए यह तीन उपकरणों का इस्तेमाल करता है: बर्स्ट अलर्ट टेलीस्कोप, अल्ट्रावायलेट/ऑप्टिकल टेलीस्कोप और एक्स-रे टेलीस्कोप। यह किसी विस्फोट की चमक की ओर कुछ ही मिनटों में मुड़कर उसका सटीक स्रोत पता लगा सकता है। लेकिन करीब 340 किलोमीटर ऊंचाई पर मौजूद इसकी कक्षा, वायुमंडलीय खिंचाव और असामान्य रूप से तेज़ सौर गतिविधि के कारण तेज़ी से नीचे आ रही है। इससे यह जल्द ही पृथ्वी के वायुमंडल में जलकर नष्ट होने की राह पर है।
सितंबर 2025 में नासा ने स्विफ्ट को बचाने के लिए मदद मांगी। अमेरिका के एरिज़ोना राज्य की कंपनी कैटलिस्ट स्पेस टेक्नोलॉजीज़ को टेलीस्कोप को ऊंची कक्षा में पहुंचाने के लिए नासा से 30 मिलियन डॉलर का ठेका मिला। कंपनी ने नौ महीनों में लिंक (LINK) नाम का एक फ्रिज के आकार का रोबोटिक अंतरिक्ष यान बनाया। 3 जुलाई को लॉन्च हुआ लिंक स्विफ्ट के पास पहुंचा, लेकिन कुछ ही हफ्तों बाद इसके दिशा-नियंत्रण उपकरण में खराबी आ गई।
अपने घूमने को रोकने के लिए कैटलिस्ट की टीम ने लिंक के मुख्य इंजनों का इस्तेमाल किया, लेकिन इससे दोनों प्रणालियों में बचाव अभियान पूरा करने लायक ईंधन नहीं बचा। 19 अगस्त को नासा और कैटलिस्ट ने अभियान रद्द कर दिया। कैटलिस्ट के सीईओ घोनही ली ने कहा कि टीम ने नौ महीनों में यान को डिज़ाइन कर, बनाकर लॉन्च किया। उन्होंने कहा कि अगर तीन महीने और मिलते तो इससे "बहुत बड़ा फ़र्क़" पड़ सकता था।
नासा की एलिस फिशर ने पुष्टि की कि अब स्विफ्ट की अनियंत्रित वापसी होगी। मिशन के प्रमुख वैज्ञानिक और नासा खगोल भौतिकीविद् ब्रैड सेंको ने बताया कि पिछले एक महीने में स्विफ्ट करीब 10 किलोमीटर नीचे आ गया है। उन्होंने बताया कि करीब 300 किलोमीटर ऊंचाई से नीचे जाने पर मिशन प्रबंधक इसे नियंत्रित नहीं कर पाएंगे। मौजूदा अनुमानों के अनुसार यह नवंबर के अंत या दिसंबर में वायुमंडल में प्रवेश कर सकता है; फिशर के मुताबिक अक्टूबर से पहले इसकी संभावना नहीं है।
स्विफ्ट का ईंधन-रहित वज़न 613 किलोग्राम है। नासा को उम्मीद है कि इसका ज़्यादातर हिस्सा वायुमंडल में जलकर खत्म हो जाएगा। लेकिन पृथ्वी की कक्षा में मौजूद वस्तुओं पर नज़र रखने वाली कंपनी लियोलैब्स (LeoLabs) के डैरेन मैकनाइट के मुताबिक एक्स-रे और ऑप्टिकल टेलीस्कोप के अंदरूनी हिस्से, लेंस और टाइटेनियम टैंक जैसे कुछ पुर्ज़े बच सकते हैं। स्विफ्ट की कक्षा का झुकाव 21 डिग्री होने के कारण, बचा हुआ मलबा उत्तर और दक्षिण के 21 डिग्री अक्षांश के बीच कहीं भी गिर सकता है। ब्रिटिश कोलंबिया विश्वविद्यालय के यूवान राइट के मुताबिक इसके समुद्र में गिरने की सबसे ज़्यादा संभावना है, हालांकि किसी आबादी वाले इलाके में गिरने की आशंका को भी खारिज नहीं किया जा सकता।
शब्दों की व्याख्या
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