बिजली की गड़गड़ाहट से ज़मीन के भीतर की इमेजिंग: पेन स्टेट अध्ययन
पेन स्टेट के शोधकर्ताओं ने कैंपस में पहले से बिछी फाइबर-ऑप्टिक केबल का इस्तेमाल कर आंधी-तूफान की गड़गड़ाहट से बनी भूकंपीय तरंगों ("thunderquakes") से ज़मीन के भीतर की पहली सफल इमेजिंग की; उनका कहना है कि यह तरीका कम भूकंप वाले इलाकों में भी काम कर सकता है।
चरण दर चरण
- 1
गड़गड़ाहट से वायुमंडलीय ध्वनि तरंगें बनना
- 2
तरंगों का ज़मीन में भूकंपीय संकेत बनना
- 3
बिछी केबल सूक्ष्म खिंचाव को महसूस करना
- 4
संकेतों से भूमिगत इमेजिंग करना
तूफान की गड़गड़ाहट से बनने वाली भूकंपीय तरंगों, जिन्हें "थंडरक्वेक" (thunderquakes) कहा जाता है, को ज़मीन के भीतर की इमेजिंग के लिए एक नए स्रोत के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है — यह बात पेन स्टेट के शोधकर्ताओं के नेतृत्व में हुए नए अध्ययन में सामने आई है, जो Science Advances में प्रकाशित हुआ है।
पेन स्टेट के यूनिवर्सिटी पार्क कैंपस के नीचे कुछ फीट गहराई में पहले से बिछी फाइबर-ऑप्टिक टेलीकम्युनिकेशन केबल का इस्तेमाल कर, शोधकर्ताओं ने "डिस्ट्रिब्यूटेड एकॉस्टिक सेंसिंग" (distributed acoustic sensing, DAS) नामक तकनीक से यह समझा कि वायुमंडलीय ध्वनि तरंगें ज़मीन में ऊर्जा कैसे पहुंचाती हैं, और यह भी दिखाया कि इस जुड़ाव का इस्तेमाल "सिस्मिक टोमोग्राफी" () नामक भूमिगत इमेजिंग तकनीक में कैसे किया जा सकता है। पेन स्टेट में भूविज्ञान के एसोसिएट प्रोफेसर और प्रमुख लेखक तिएयुआन ज़ू (Tieyuan Zhu) ने कहा, "हमने थंडरक्वेक का इस्तेमाल कर पहली सफल भूकंपीय इमेजिंग की।"
शोधकर्ताओं ने ज़मीन में बिछी 2.5 मील (4 किलोमीटर) लंबी फाइबर-ऑप्टिक केबल में लेज़र किरण भेजी और भूकंपीय तरंगों से केबल में पड़ने वाले सूक्ष्म खिंचाव के कारण परावर्तित प्रकाश के चरण (phase) में हुए बदलाव को रिकॉर्ड किया। पेन स्टेट में डॉक्टरेट छात्र के रूप में यह शोध करने वाले और अब ओहायो स्टेट यूनिवर्सिटी में पोस्टडॉक्टरल शोधकर्ता प्रमुख लेखक नोलन रॉथ (Nolan Roth) ने कहा, "DAS से हम केबल के हर कुछ मीटर पर, हर सेकंड सैकड़ों नमूने रिकॉर्ड करते हैं।" महंगे उपकरणों या भूकंप की तरंगों पर निर्भर पारंपरिक इमेजिंग तरीकों के उलट, यह थंडरक्वेक तरीका पहले से मौजूद केबल का इस्तेमाल कर मध्य और पूर्वी अमेरिका जैसे कम भूकंप वाले इलाकों में भी निष्क्रिय (passive) इमेजिंग की सुविधा देता है।
सिंकहोल (sinkholes) या भूस्खलन जैसे भू-खतरों का आकलन करने, भूजल और खनन संसाधनों का मूल्यांकन करने, और ज्वालामुखियों व मैग्मा भंडारों का अध्ययन करने के लिए सिस्मिक टोमोग्राफी का इस्तेमाल किया जा सकता है, ऐसा EMS एनर्जी इंस्टीट्यूट से जुड़े ज़ू ने बताया।
शब्दों की व्याख्या
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