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बड़े आकार के बावजूद ऑस्ट्रेलिया के समुद्री पार्कों में सुरक्षा की कमी: अध्ययन

ऑस्ट्रेलिया के विशाल समुद्री पार्क नेटवर्क के बावजूद कई समुद्री प्रजातियों और पारिस्थितिकी तंत्रों में गिरावट पाई गई है, ऐसा कंज़र्वेशन लेटर्स के अध्ययन में सामने आया है; 250 से ज़्यादा समुद्री वैज्ञानिकों ने पूरी तरह संरक्षित 'नो-टेक' क्षेत्र बढ़ाने की मांग…

ऑस्ट्रेलिया के पास दुनिया के सबसे बड़े समुद्री पार्क नेटवर्कों में से एक है, जो उष्णकटिबंधीय प्रवाल भित्तियों से लेकर अंटार्कटिक जल तक फैला है। लेकिन कंज़र्वेशन लेटर्स (Conservation Letters) में छपे एक अध्ययन में इसके बावजूद कई समुद्री प्रजातियों और पारिस्थितिकी तंत्रों में भारी गिरावट पाई गई। करिसा क्लाइन के नेतृत्व में क्वींसलैंड विश्वविद्यालय के करीब 50 शोधकर्ताओं ने इस अध्ययन में जांचा कि क्या समुद्री संरक्षण में अग्रणी होने की ऑस्ट्रेलिया की छवि सबूतों से मेल खाती है, और पाया कि जलवायु परिवर्तन, आवास क्षरण, अस्थिर दबाव और प्रबंधन में कमियों के चलते गिरावट आई है।

अध्ययन में पाया गया कि समुद्री पार्कों के भीतर सुरक्षा का स्तर बहुत अलग-अलग है: कुछ क्षेत्रों में व्यावसायिक मछली पकड़ने और खनन जैसी गतिविधियां प्रतिबंधित हैं, जबकि दूसरे क्षेत्रों में कई औद्योगिक इस्तेमाल जारी रहने दिए जाते हैं। दुनिया भर में हुए सैकड़ों अध्ययनों में, सबसे ऊंचे सुरक्षा स्तर वाले 'नो-टेक' अभयारण्य क्षेत्रों से ही पारिस्थितिक फायदे के सबसे मज़बूत सबूत मिलते हैं -- शोध के मुताबिक ये क्षेत्र ज़्यादा जैव विविधता, स्वस्थ पारिस्थितिकी तंत्र, बड़ी मछली आबादी और जलवायु प्रभावों के प्रति ज़्यादा मज़बूती से जुड़े हैं, साथ ही मछली पालन और पर्यटन को आर्थिक फायदा भी पहुंचाते हैं।

फिलहाल कॉमनवेल्थ जल क्षेत्र का करीब एक-चौथाई हिस्सा ही उच्च स्तर पर संरक्षित है, लेकिन मुख्य भूमि ऑस्ट्रेलिया के आसपास यह आंकड़ा 10% से भी कम है। ज़्यादातर अभयारण्य क्षेत्र सबसे उपजाऊ समुद्री पारिस्थितिकी तंत्रों के बजाय दूर-दराज़ के अपतटीय जल में स्थित हैं। नॉरफ़ोक और लॉर्ड होवे द्वीपों में हाल में हुए विस्तार से कुल कॉमनवेल्थ संरक्षण करीब 31% तक पहुंच जाएगा, जबकि मुख्य भूमि के जल क्षेत्र का आंकड़ा लगभग 10% ही रहेगा।

'ऑस्ट्रेलिया के महासागरों के लिए एक मज़बूत भविष्य सुनिश्चित करना' शीर्षक वाले एक सहमति वक्तव्य में 250 से ज़्यादा समुद्री वैज्ञानिकों ने मांग की कि ऑस्ट्रेलिया के हर समुद्री जैव-क्षेत्र के कम से कम 30% हिस्से को उच्च संरक्षित नो-टेक अभयारण्य क्षेत्र बनाया जाए, ट्रॉलिंग, लॉन्गलाइनिंग और खनन जैसी औद्योगिक गतिविधियों को समुद्री पार्कों से हटाया जाए, और समुद्री पार्क प्रबंधन, निगरानी व प्रवर्तन के लिए पर्याप्त संसाधन दिए जाएं। यह वक्तव्य ऐसे समय जारी हुआ जब कॉमनवेल्थ समुद्री पार्कों की दस साल में एक बार होने वाली समीक्षा चल रही है।

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