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क्या चीन के दो जीवाश्म मानव विकास की समयरेखा बदल देंगे?

अनहुई में मिली एक बच्चे की जबड़ा हड्डी और फिर से बनाई गई यूनशियन 2 खोपड़ी होमो सेपियंस, निएंडरथल और डेनिसोवन के अलग होने के समय पर नए सवाल खड़े कर रही हैं, हालांकि कुछ वैज्ञानिक इस नई समयरेखा को जल्दबाज़ी बता रहे हैं।

चरण दर चरण

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    हुआलोंगडोंग में बच्चे की जबड़ा हड्डी मिली

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    1990 में यूनशियन 2 खोपड़ी बरामद

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    डिजिटल स्कैन से खोपड़ी का पुनर्निर्माण

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    अध्ययन ने इसे नए लोंगी वंश में रखा

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    अन्य वैज्ञानिकों ने नई समयरेखा पर सवाल उठाए

चीन में मिले दो जीवाश्मों ने इस सवाल को फिर खोल दिया है कि आधुनिक मनुष्य, निएंडरथल और डेनिसोवन आखिर कब एक-दूसरे से अलग हुए। बीजिंग के इंस्टीट्यूट ऑफ वर्टिब्रेट पेलियोन्टोलॉजी एंड पेलियोएंथ्रोपोलॉजी की शियूजी वू के नेतृत्व वाली टीम ने अनहुई प्रांत के हुआलोंगडोंग में मिली एक बच्चे की जबड़े की हड्डी का अध्ययन किया। यह हड्डी लगभग 3 लाख साल पहले मरे करीब 16 लोगों के अवशेषों के साथ मिली थी। यह अध्ययन जर्नल ऑफ ह्यूमन एवोल्यूशन में प्रकाशित हुआ।

यह जबड़े की हड्डी "एचएलडी 6" नाम से दर्ज एक आंशिक खोपड़ी की है, जो लगभग 12 या 13 साल के एक बच्चे की है। इसे 83 अन्य जीवाश्म मानव प्रजातियों और आज के मनुष्यों से तुलना करने पर इसमें मिश्रित लक्षण मिले: एक तरफ पुरातन दिखने वाला भारी जबड़ा, दूसरी तरफ अधिक आधुनिक, पतला जोड़, और ठुड्डी के अधूरे संकेत जो कभी पूरी तरह नहीं बने। ठुड्डी उन चंद कंकाल लक्षणों में से एक है जो सिर्फ होमो सेपियंस में पाई जाती है — निएंडरथल और डेनिसोवन में यह नहीं थी। इस अध्ययन की सह-लेखिका और स्पेन के नेशनल रिसर्च सेंटर ऑन ह्यूमन एवोल्यूशन की मारिया मार्टिनन-टोरेस ने सीएनएन को बताया। उन्होंने कहा कि एचएलडी 6 की कमज़ोर ठुड्डी की बनावट मोरक्को के जेबेल इरहूद जीवाश्मों जैसी है, जिन्हें आमतौर पर होमो सेपियंस के शुरुआती सदस्य माना जाता है। टीम ने इसे नई प्रजाति घोषित करने से परहेज़ किया।

इससे भी बड़ा दावा 1990 में हूबेई प्रांत में हानजियांग नदी के पास मिली "यूनशियन 2" नाम की खोपड़ी से जुड़ा है, जिसकी उम्र 9.4 लाख से 11 लाख साल के बीच आंकी गई है। अब तक इसे बिना गहरी जांच के होमो इरेक्टस मान लिया गया था। फुडान विश्वविद्यालय और चाइनीज़ एकेडमी ऑफ साइंसेज के शिजुन नी ने इस टीम का नेतृत्व किया। लंदन के नेचुरल हिस्ट्री म्यूज़ियम के क्रिस स्ट्रिंगर के साथ मिलकर टीम ने सीटी स्कैनिंग और स्ट्रक्चर्ड-लाइट स्कैनिंग की मदद से इसका डिजिटल पुनर्निर्माण किया। सितंबर 2025 में साइंस पत्रिका में प्रकाशित इस अध्ययन ने यूनशियन 2 को "लोंगी वंश" नाम के एक नए समूह में रखा, जिसमें डेनिसोवन के शामिल होने की संभावना मानी जाती है और जिसे होमो सेपियंस का निकटतम संबंधी वंश बताया गया है। इसके अनुसार होमो सेपियंस की उत्पत्ति लगभग 4 लाख साल पीछे खिसककर एक मिलियन साल से कुछ ही ज़्यादा पुरानी हो जाती है। अध्ययन के मुताबिक सेपियंस वंश लोंगी/डेनिसोवन वंश से लगभग 13.2 लाख साल पहले अलग हुआ, जबकि पहले के आनुवंशिक अनुमान इस विभाजन को करीब 6 लाख साल पहले का मानते थे।

नी ने स्वीकार किया कि यह जीवाश्म इतना पुराना है कि इससे इस्तेमाल लायक आनुवंशिक डेटा नहीं मिल सका, और उसी स्थल से मिली पशु हड्डियों की प्रोटीन जांच भी बेनतीजा रही। इसका मतलब है कि यह वर्गीकरण पूरी तरह तुलनात्मक शारीरिक बनावट और वंशवृक्ष मॉडलिंग पर टिका है, इसमें कोई आनुवंशिक सबूत नहीं है। इस अध्ययन से जुड़े न रहे ऑस्ट्रेलिया के ला ट्रोब विश्वविद्यालय के पुरातत्वविद् एंडी हैरीज़ ने एबीसी साइंस से कहा कि यूनशियन 2 को लोंगी वंश में रखना "इतनी अनिश्चितताओं के बीच अनुचित" है।

शब्दों की व्याख्या

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