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9/11 की यादें: भरोसा पक्का, पर अक्सर गलत — अध्ययन

9/11 हमलों के बारे में लोगों की याद्दाश्त पर सालों से नज़र रखने वाला एक लंबा अध्ययन है। इसमें पाया गया कि लोग जो विवरण याद करते हैं, उनमें से करीब 40% उनकी शुरुआती बताई बातों से मेल नहीं खाते, फिर भी उनका भरोसा पूरा बना रहता है।

चरण दर चरण

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    9/11 के कुछ दिनों बाद यादें दर्ज

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    1 साल में 40% विवरण बदल गए

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    3, 10 साल में भी ग़लतियां स्थिर रहीं

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    25 साल बाद फिर याद जुटाई जा रही

2001 में 11 सितंबर के हमलों के कुछ ही दिनों बाद अमेरिकियों की यादों पर सर्वेक्षण शुरू करने वाले शोधकर्ताओं ने अपना अध्ययन जर्नल 'जर्नल ऑफ एक्सपेरिमेंटल साइकोलॉजी: जनरल' में प्रकाशित किया। उनका कहना है कि लोग हमलों के बारे में कैसे जाने, किसके साथ थे, क्या कर रहे थे — जैसे विवरणों में से करीब 40% उन्हीं लोगों की शुरुआती बताई बातों से मेल नहीं खाते।

विलियम हर्स्ट के नेतृत्व वाली टीम ने हमलों के कुछ ही दिनों बाद पूरे अमेरिका में कुछ हज़ार लोगों से उनकी यादें पूछीं, फिर उन्हीं लोगों से एक साल, तीन साल और 10 साल बाद दोबारा पूछा। अब टीम एक चौथाई सदी बाद उसी समूह की यादें जुटा रही है। सिर्फ़ एक साल बाद ही, लोगों की बताई गई करीब 40% जानकारी उनकी शुरुआती बातों से मेल नहीं खाती थी, फिर भी प्रतिभागियों को अपनी यादों के सही होने का पूरा भरोसा था।

कुछ मामलों में गलतियां बड़ी थीं: एक व्यक्ति ने शुरू में कहा था कि हमले की खबर सुनते समय वह काम पर था, लेकिन एक साल बाद उसने कहा कि वह ट्रेन में था। एक अन्य महिला ने शुरू में कहा था कि वह अपने पति के साथ थी, फिर एक साल बाद उसे याद आया कि वह अपने बेटे के साथ थी। शोधकर्ताओं ने पाया कि एक साल बाद बनी कोई ग़लत याद बाद के इंटरव्यू में भी स्थिर बनी रहती है, भले ही वह ग़लत हो।

शोधकर्ताओं का कहना है कि ऐसी 'फ्लैशबल्ब यादें' सिर्फ़ 9/11 तक सीमित नहीं हैं। 1970 के दशक के एक सर्वेक्षण में पाया गया कि मार्टिन लूथर किंग जूनियर की हत्या की फ्लैशबल्ब याद 75% अश्वेत अमेरिकियों में थी, जबकि श्वेत अमेरिकियों में यह सिर्फ़ 32% थी। इसी तरह ज़्यादातर ब्रितानियों को राजकुमारी डायना की मौत की फ्लैशबल्ब याद है, जबकि ज़्यादातर इटैलियन लोगों को नहीं।

शोधकर्ताओं ने यह भी पाया कि जिन अमेरिकियों को 9/11 की फ्लैशबल्ब याद है, उन्हें ऐसी याद न रखने वालों की तुलना में ज़्यादा मज़बूत अमेरिकी पहचान वाला माना जाता है। उस याद को खोना हमले को ही भूल जाने से बड़ी पहचान की क्षति माना जाता है।

शब्दों की व्याख्या

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