प्राचीन DNA से पता चला: 'अमेरिकी चीता' असल में प्यूमा का रिश्तेदार था
कनाडा के यूकॉन क्षेत्र में मिले हिमयुगीन जीवाश्मों का आनुवंशिक विश्लेषण हुआ। इससे पता चलता है कि लंबे समय से 'अमेरिकी चीता' कहा जाने वाला मिरासिनोनिक्स त्रुमानी असल में आधुनिक प्यूमा का करीबी रिश्तेदार था — और कुछ आबादियां ज़्यादातर मछली खाती थीं।
चरण दर चरण
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यूकॉन में जीवाश्म मिले
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प्राचीन DNA का विश्लेषण हुआ
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प्यूमा, चीता वंशों से तुलना
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आहार जानने को नाइट्रोजन विश्लेषण
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यूकॉन बिल्लियां मुख्यतः मछली खातीं
'अमेरिकी चीता' कहलाने वाला एक विलुप्त हिमयुगीन शिकारी, असली चीतों से कहीं ज़्यादा आधुनिक प्यूमा से करीबी रिश्ता रखता था, 4 सितंबर को करंट बायोलॉजी में प्रकाशित एक आनुवंशिक विश्लेषण के अनुसार। मिरासिनोनिक्स त्रुमानी के इस उपनाम से लंबे समय से यह समझा जाता रहा कि यह अफ्रीकी चीते जैसा एक खास तेज़-रफ़्तार शिकारी था, जो प्रॉन्गहॉर्न जैसे लगभग 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से भागने वाले शिकार का पीछा करता था। इसके उलट, प्यूमा कहीं अधिक लचीले शिकारी होते हैं, जो हिरण और एल्क से लेकर कृंतकों और रैकून तक का शिकार करते हैं।
कैलिफ़ोर्निया विश्वविद्यालय, सांता क्रूज़ की मॉली कैसाट-जॉनस्टोन के नेतृत्व में शोधकर्ताओं ने शुरुआत में सिर्फ कनाडा के यूकॉन क्षेत्र में मिले करीब 31,000 साल पुराने तीन जीवाश्मों की पहचान पक्की करनी चाही थी। इतने उत्तर में मिलने के कारण इन्हें शुरू में प्यूमा माना गया था। कैसाट-जॉनस्टोन ने बताया, 'आनुवंशिक आंकड़े तैयार होने के बाद ही हम इन्हें अमेरिकी चीता के रूप में पहचान पाए।' इन नमूनों और व्योमिंग की नेचुरल ट्रैप गुफा से मिले एक अन्य M. त्रुमानी जीवाश्म के प्राचीन DNA से पता चला कि इस प्रजाति का सबसे करीबी जीवित रिश्तेदार प्यूमा है। दोनों वंशों का एक साझा पूर्वज करीब 2.6 मिलियन साल पहले रहा होगा। M. त्रुमानी असली चीतों से करीब 4.7 मिलियन साल पहले अलग हुआ था।
यूकॉन जीवाश्मों ने M. त्रुमानी की ज्ञात सीमा को भी उत्तर की ओर कनाडा तक बढ़ाया, जो पहले फ़्लोरिडा से उत्तरी मैदानों तक फैली थी। ये जानवर इतने उत्तर में रहते थे कि शायद वहां प्रॉन्गहॉर्न उपलब्ध ही नहीं था। इसलिए शोधकर्ताओं ने 'नाइट्रोजन विश्लेषण' पद्धति से जीवाश्मों में नाइट्रोजन के स्वरूपों की जांच कर यह जानने की कोशिश की कि ये बिल्लियां क्या खाती थीं। व्योमिंग के नमूनों में नाइट्रोजन का स्तर ऐसे भू-शिकारी जैसा था जो शाकाहारी जानवरों का शिकार करता है। लेकिन यूकॉन के नमूनों में नाइट्रोजन का स्तर ओर्का जैसे समुद्री शिकारियों जितना था, जिससे संकेत मिलता है कि वे लगभग पूरी तरह मछली खाते थे।
यूकॉन के एक जीवाश्म वाली गुफा में हिमयुगीन मछलियों के भी कई जीवाश्म मिले हैं। यह अब भी स्पष्ट नहीं है कि उत्तर की ये बिल्लियां खुद मछली पकड़ती थीं या नदी किनारे पड़े शवों को खा लेती थीं। इस अध्ययन से न जुड़ीं वैंडरबिल्ट विश्वविद्यालय की पुरापारिस्थितिकीविद् लारिसा डिसैंटिस ने कहा कि बड़े शिकार का पीछा करना शिकारियों के लिए कितना खतरनाक हो सकता है, यह देखते हुए यह अनुकूलन उल्लेखनीय है। मिरासिनोनिक्स त्रुमानी करीब 2.5 मिलियन से 16,000 साल पहले तक उत्तर अमेरिकी घास के मैदानों में रहा।
शब्दों की व्याख्या
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