डीएनए से पहचाने गए 1845 के फ्रैंकलिन आर्कटिक अभियान के चार और नाविक
वॉटरलू विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने हड्डियों के अवशेषों से मिले डीएनए की तुलना जीवित वंशजों के नमूनों से करके फ्रैंकलिन अभियान के चार और नाविकों की पहचान की, जिससे एक नाविक की पहचान का 166 साल पुराना रहस्य भी सुलझ गया।
वॉटरलू विश्वविद्यालय के मानवविज्ञानियों ने सर जॉन फ्रैंकलिन के 1845 के असफल आर्कटिक अभियान के चार और नाविकों की पहचान की है। यह पहचान हड्डियों के अवशेषों से मिले डीएनए की जीवित वंशजों के नमूनों से तुलना करके की गई। इसके साथ ही डीएनए से पहचाने गए फ्रैंकलिन अभियान के नाविकों की कुल संख्या छह हो गई है।
अप्रैल 1848 तक फ्रैंकलिन के दोनों जहाज़, एरेबस और टेरर, करीब दो साल से आर्कटिक की बर्फ में फंसे हुए थे। बचे हुए 105 चालक दल के सदस्यों ने जहाज़ छोड़कर, नावों को स्लेज पर खींचते हुए, नुनावुत के किंग विलियम द्वीप के पश्चिमी तट के सहारे सुरक्षित जगह पहुंचने की कोशिश की। इस यात्रा में कोई भी जीवित नहीं बचा, और तब से किंग विलियम द्वीप तथा एडिलेड प्रायद्वीप में अवशेष मिलते रहे हैं।
वॉटरलू में मानवविज्ञान के सहायक प्रोफेसर डॉ. डगलस स्टेंटन ने बताया, "हमने जिन तीन नाविकों की पहचान की, वे एचएमएस एरेबस से थे और सभी की मृत्यु एरेबस खाड़ी में हुई। चौथा नाविक, एचएमएस टेरर से डीएनए विश्लेषण से निश्चित रूप से पहचाना गया इकलौता व्यक्ति है, जो बाकियों से 130 किलोमीटर दूर मिला।" वह चौथा नाविक हैरी पेगलर है, जो एचएमएस टेरर पर फोरटॉप का कैप्टन था। 1859 में उसके निजी दस्तावेज़ों के साथ एक शव मिला था, पर पहने कपड़े उसके पद से मेल नहीं खाते थे, इसलिए उसकी पहचान लंबे समय तक विवादित रही। 'पेगलर पेपर्स' नाम से जाने जाने वाले इन दस्तावेज़ों में कविताएं और अभियान के बारे में लगते विवरण शामिल हैं।
पहचाने गए बाकी तीन नाविक हैं -- विलियम ऑरेन (एबल सीमैन), डेविड यंग (बॉय फर्स्ट क्लास) और जॉन ब्रिजेंस (सहायक अधिकारियों के स्टूअर्ड) -- तीनों एचएमएस एरेबस से थे। 2024 में इसी टीम द्वारा पहचाने गए कैप्टन जेम्स फिट्ज़जेम्स के अवशेषों में नरभक्षण के प्रमाण मिले थे, लेकिन इन चार नाविकों के अवशेषों में ऐसा कोई सबूत नहीं मिला। लेकहेड विश्वविद्यालय के डॉ. स्टीफन फ्रैटपिएट्रो ने अवशेषों से डीएनए निकाला, जिसकी तुलना वंशजों के माइटोकॉन्ड्रियल और वाई-क्रोमोसोम डीएनए से की गई; हर मामले में आनुवंशिक दूरी शून्य पाई गई -- यानी एक साझा पूर्वज होने का पक्का सबूत।
शोध से यह भी पता चला कि बीबीसी न्यूज़ के पत्रकार रिच प्रेस्टन जॉन ब्रिजेंस के वंशज हैं। ये निष्कर्ष दो शोधपत्रों में प्रकाशित हुए हैं -- एक जर्नल ऑफ आर्कियोलॉजिकल साइंस: रिपोर्ट्स में और दूसरा पोलर रिकॉर्ड में। शोधकर्ता अब फ्रैंकलिन अभियान के सदस्यों के अन्य वंशजों से आगे आने की अपील कर रहे हैं, क्योंकि और डीएनए नमूने अब भी अज्ञात अवशेषों की पहचान में मदद कर सकते हैं।
शब्दों की व्याख्या
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