सामान्य सलाह से 55% ज़्यादा दिमागी सेहत बढ़ाने में कामयाब रही संरचित जीवनशैली कोचिंग
11 लातिन अमेरिकी देशों में हुए दो साल के परीक्षण में पाया गया कि व्यायाम, आहार और सामाजिक गतिविधियों पर संरचित कोचिंग पाने वाले बुज़ुर्गों को, सिर्फ़ सामान्य स्वास्थ्य सलाह पाने वालों से कहीं ज़्यादा दिमागी फ़ायदा हुआ।
डिमेंशिया के जोखिम वाले जिन बुज़ुर्गों ने 11 लातिन अमेरिकी देशों में संरचित जीवनशैली कोचिंग कार्यक्रमों में हिस्सा लिया, उनमें याददाश्त, सोचने की क्षमता और समग्र मानसिक प्रदर्शन में काफ़ी बेहतर सुधार देखा गया। यह सुधार सिर्फ़ सामान्य स्वास्थ्य शिक्षा पाने वालों की तुलना में कहीं ज़्यादा था। यह जानकारी लैटिन अमेरिकन इनिशिएटिव फ़ॉर लाइफ़स्टाइल इंटरवेंशन टू प्रिवेंट कॉग्निटिव डिक्लाइन (लैटअम-फ़िंगर्स) नाम के दो साल के अध्ययन में सामने आई। अल्ज़ाइमर एसोसिएशन द्वारा वित्त-पोषित यह अध्ययन लंदन में हुए अल्ज़ाइमर एसोसिएशन इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस (एएआईसी) 2026 में पेश किया गया और द लांसेट में प्रकाशित हुआ।
यह अध्ययन पहले हुए अमेरिकी अध्ययन 'यूएस पॉइंटर' पर आधारित था, जिसमें शारीरिक गतिविधि, स्वस्थ आहार, दिमागी प्रशिक्षण और सामाजिक जुड़ाव के मेल को अलग-अलग संस्कृतियों और स्वास्थ्य प्रणालियों के अनुसार ढाला गया। फ्लेनी की मुख्य लेखिका लूसिया क्रिवेल्ली ने कहा, "हमने यूएस पॉइंटर मॉडल का सीधा अनुवाद नहीं किया।" फ्लेनी ब्यूनस आयर्स का एक न्यूरोलॉजिकल इंस्टीट्यूट है। क्रिवेल्ली ने बताया कि मुख्य तत्व बनाए रखते हुए इसे स्थानीय संस्कृतियों और आदतों के हिसाब से ढाला गया। हर भाग लेने वाले देश के बहुराष्ट्रीय कार्य समूहों ने तय किया कि कौन से हिस्से एक जैसे रखने हैं और किन्हें स्थानीय ज़रूरत के हिसाब से बदलना है। इसमें साल्सा और टैंगो जैसी गतिविधियां और बाहर समूह में होने वाले व्यायाम शामिल किए गए। एवोकाडो, क्विनोआ, आसाई, अगुयमांतो, चिया व कद्दू के बीज जैसे स्थानीय रूप से उपलब्ध खाद्य पदार्थों वाला संशोधित माइंड आहार भी शामिल किया गया।
इस विश्लेषण में अर्जेंटीना, बोलीविया, ब्राज़ील, चिली, कोलंबिया, कोस्टा रिका, डोमिनिकन गणराज्य, इक्वाडोर, मेक्सिको, पेरू और उरुग्वे के 12 केंद्रों पर मौजूद 1,065 लोगों को शामिल किया गया। उन्हें बेतरतीब ढंग से दो समूहों में बांटा गया। 539 प्रतिभागियों वाले सिस्टमैटिक लाइफ़स्टाइल इंटरवेंशन (एसएलआई) समूह को पर्यवेक्षित व्यायाम, पोषण परामर्श, कंप्यूटरीकृत दिमागी प्रशिक्षण और हृदय जोखिम निगरानी मिली। इस समूह को 38 समूह बैठकों के ज़रिए लगातार कोचिंग भी दी गई। 526 प्रतिभागियों वाले फ्लेक्सिबल लाइफ़स्टाइल इंटरवेंशन (एफएलआई) समूह को सिर्फ़ चार समूह बैठकें मिलीं। उन्हें समय-समय पर स्वास्थ्य शिक्षा और सामान्य जीवनशैली सुझाव ही मिले, कोई लगातार कोचिंग या निगरानी नहीं मिली।
दो साल बाद, ज़्यादा संरचित एसएलआई कार्यक्रम ने एफएलआई तरीके से समग्र मानसिक क्षमता में 55% ज़्यादा सुधार दिखाया। यूएस पॉइंटर की प्रमुख शोधकर्ता लॉरा बेकर ने कहा, "लैटअम-फ़िंगर्स में उल्लेखनीय नस्लीय व जातीय विविधता शामिल थी।" बेकर वेक फ़ॉरेस्ट यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ़ मेडिसिन और एडवोकेट हेल्थ से जुड़ी हैं। उन्होंने बताया कि शिक्षा व आर्थिक स्थिति में भी व्यापक विविधता शामिल थी। अल्ज़ाइमर एसोसिएशन की हेदर स्नाइडर ने कहा कि ये नतीजे यूएस पॉइंटर के निष्कर्षों को मज़बूत करते हैं। उन्होंने बताया कि यह साबित करते हैं कि संरचित, सामाजिक सहयोग वाले जीवनशैली हस्तक्षेप निम्न और मध्यम आय वाले देशों सहित दुनियाभर के विविध समुदायों के लिए ढाले जा सकते हैं।
शब्दों की व्याख्या
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